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बेहमई कांड: अब पुलिस मांग रही तारीख पर तारीख 20-17-44
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तारीख मिलने पर मायूस होकर कोर्ट से लौटते वादी राजाराम।
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। बेहमई कांड के वादी राजाराम ने कहा कि उन्हें 39 साल में सिर्फ तारीख ही मिल रही है। न्याय की आस में वह कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं।
बुधवार को मूल केस डायरी अदालत में पेश होने की आस लेकर वादी राजाराम सुबह से ही कोर्ट पहुंचे। केस डायरी न मिलने और पुलिस द्वारा दो सप्ताह का और समय मांगने पर वह उदास हो गए। राजाराम ने कहा कि पहले कानूनी दांवपेच और अब पुलिस तारीख पर तारीख मांग रही है। ऐसे में न्याय कब मिलेगा, समझ में नहीं आ रहा है। केस के गवाह जंटर सिंह ने बताया कि हर तारीख पर न्याय मिलने की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन मिलती है तो सिर्फ तारीख।
कल के दिन बेहमई में खेली गई थी खून की होली
पूरी दुनिया में 14 फरवरी का दिन प्रेम का संदेश देते हुए वेलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है। बेहमई में 14 फरवरी 1981 को खून की होली खेली गई थी। मारे गए लोगों को अभी तक न्याय का इंतजार है।
गांव के दक्षिणी किनारे पर स्मारक बनवाया गया था। वहां पर परंपरागत रूप से हर साल बेहमई गांव के लोग एकत्र होकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। 18 जनवरी को बेहमई कांड का फैसला आने की उम्मीद पर बेहमई के लोग खुश थे। पत्रावली में मूल केस डायरी न मिलने के बाद फिर से तारीखों का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को कोर्ट पहुंचे बेहमई के लोग फिर तारीख मिलने पर मायूस थे।
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बुधवार को मूल केस डायरी अदालत में पेश होने की आस लेकर वादी राजाराम सुबह से ही कोर्ट पहुंचे। केस डायरी न मिलने और पुलिस द्वारा दो सप्ताह का और समय मांगने पर वह उदास हो गए। राजाराम ने कहा कि पहले कानूनी दांवपेच और अब पुलिस तारीख पर तारीख मांग रही है। ऐसे में न्याय कब मिलेगा, समझ में नहीं आ रहा है। केस के गवाह जंटर सिंह ने बताया कि हर तारीख पर न्याय मिलने की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन मिलती है तो सिर्फ तारीख।
कल के दिन बेहमई में खेली गई थी खून की होली
पूरी दुनिया में 14 फरवरी का दिन प्रेम का संदेश देते हुए वेलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है। बेहमई में 14 फरवरी 1981 को खून की होली खेली गई थी। मारे गए लोगों को अभी तक न्याय का इंतजार है।
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गांव के दक्षिणी किनारे पर स्मारक बनवाया गया था। वहां पर परंपरागत रूप से हर साल बेहमई गांव के लोग एकत्र होकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। 18 जनवरी को बेहमई कांड का फैसला आने की उम्मीद पर बेहमई के लोग खुश थे। पत्रावली में मूल केस डायरी न मिलने के बाद फिर से तारीखों का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को कोर्ट पहुंचे बेहमई के लोग फिर तारीख मिलने पर मायूस थे।
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