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कानपुर देहात : रसधान में पकड़ा एक और फर्जीवाड़ा, प्रधान समेत पांच पर दर्ज होगा केस, डीपीआरओ ने की संस्तुति

Thu, 16 Mar 2023 08:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 08:30 AM IST
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Kanpur Dehat: Another forgery caught in Rasdhan, case will be registered on five including Pradhan, DPRO recommended
कानपुर देहात। राजपुर ब्लॉक के मॉडल गांव रसधान में कार्य के भुगतान में फर्जीवाड़े का मामला पकड़ा गया है। ग्राम सचिवालय के बजाय अन्य स्थान पर दूसरे कंप्यूटर का प्रयोग कर एक लाख 23 हजार 623 रुपये भुगतान के बाउचर पीएफएमएस पर अपलोड कर दिए गए।
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हालांकि बाउचर रद्द कर उक्त धनराशि वापस करा ली गई। जांच में मिलीभगत के आधार पर प्रधान समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कराने की संस्तुति डीपीआरओ ने की है। साथ ही प्रधान को हटाने, सचिव के निलंबन, कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्ति व सहायक विकास अधिकारी पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की संस्तुति की गई है।
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पिछले दिनों स्वच्छ भारत मिशन फेज दो में 195 गांवों में 3.72 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हो चुका है। मामले में मौजूदा व पूर्व डीपीआरओ के साथ उप निदेशक पंचायत को निलंबित किया जा चुका है। पांच स्वच्छता समन्वयकों को हटाया गया है। मामले में अज्ञात में दर्ज एफआईआर की विवेचना अभी हो रही है। प्रधानों का भी जवाब लिया गया है।
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इधर, राजपुर ब्लॉक के मॉडल गांव रसधान में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (एसएलडब्लूएम) के कार्य में धन का किसी अन्य जगह से भुगतान करने की शिकायत मिली। इसकी जांच कराई गई तो ग्राम सचिव ने डीपीआरओ को गुमराह करने का प्रयास किया।
हालांकि गहराई से जांच की गई तो पाया गया कि प्रधान राजेंद्र कुमार, उसके पुत्र अंकित बजाज, एक अज्ञात व्यक्ति और ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार पटेल ने ग्राम पंचायत सचिवालय से इतर दूसरे कंप्यूटर के जरिए एक लाख 23 हजार 623 रुपये के बाउचर बनाए।
जनपद स्तर पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर निखिल दीक्षित ने इसमें सहयोग किया। इसके बाद पीएफएमएस में ये बाउचर अपलोड किए गए। इन बाउचर को प्रधान ने अपने लॉगइन से पास भी कर दिया।
समय रहते मामला खुलने पर डोंगल लगाकर अंतिम भुगतान की कार्रवाई नहीं की जा सकी। डीपीआरओ ने अनियमित भुगतान के लिए पीएफएमएस में अपलोड किए गए बाउचर रद्द कर दिए। इस प्रकार यह फर्जीवाड़ा बच गया।
प्रधान को हटाने, सचिव के निलंबन की भी संस्तुति
डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी ने भौतिक सत्यापन कर मौके पर कार्य कराए जाने और भुगतान किए जाने की आख्या देकर गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि मामले में पंचायतीराज अधिनियम में अनुसार प्रधान को पद से हटाने की कार्यवाही की संस्तुति की है। ग्राम विकास अधिकारी के निलंबन, कंप्यूटर आपरेटर की सेवा समाप्ति, व सहायक विकास अधिकारी पंचायत के शिथिल पर्यवेक्षण पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की संस्तुति की है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत के माध्यम से दोषियों पर नियमानुसार केस दर्ज कराने की संस्तुति भी की है।

पूर्व के फर्जीवाड़े में भी कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध
195 ग्राम पंचायतों में 3.72 लाख रुपये के गबन के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) निखिल दीक्षित की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। रवैये में सुधार के लिए 27 फरवरी 2023 को चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं दिखा। डीपीआरओ ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर पूर्व घोटाले में संदिग्ध है। इसके बाद भी उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार दर्ज नहीं किया गया। रसधान ग्राम पंचायत में अनियमित भुगतान कराए जाने में उसका सहयोग रहा। हालांकि उनके स्तर से समय रहते अनियमित भुगतान होने से बचा लिया गया।
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