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Kanpur Dehat : नहीं मिली एंबुलेंस, रसूलाबाद सीएचसी के बाहर तड़पती रही गर्भवती, सीएमओ ने की जांच
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रसूलाबाद सीएचसी में जांच करने पंहुचे सीएमओ। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात/रसूलाबाद। एंबुलेंस नहीं मिलने से एक गर्भवती बुधवार की दोपहर रसूलाबाद सीएचसी के बाहर आधा घंटे तक दर्द से तड़पती रही। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो गुरुवार को सीएमओ डॉ. एके सिंह ने अस्पताल पहुंचकर जांच की।
प्राथमिक जांच में स्टाफ नर्स और आशा की लापरवाही मिली। इस पर स्टाफ नर्स को प्रसव कक्ष से हटा दिया गया है। आशा को कार्यमुक्त करने के लिए जल्द कमेटी गठित की जाएगी। पूरे मामले में सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
रसूलाबाद क्षेत्र के जगम्मन धीर गांव निवासी शफीक की पत्नी रुकसाना बेगम (25) को बुधवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर शफीक ने गांव की आशा रामरोशनी से संपर्क किया और 102 एंबुलेंस से उसे सीएचसी रसूलाबाद लाए।
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यहां जांच के बाद डॉ. मीना कुरील ने गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद भी आशा ने गर्भवती को जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं बुलाई। वहीं, एंबुलेंस के इंतजार में गर्भवती प्रसव कक्ष से निकलकर सीएचसी के बाहर जमीन पर आधा घंटा तक तड़पती रही।
इसके बाद परिवार के लोगों की मदद से निजी अस्पताल चली गई। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इसकी जानकारी पर गुरुवार को सीएमओ डॉ. एके सिंह जांच के लिए सीएचसी पहुंचे।
प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने बताया कि एंबुलेंस नहीं बुलाने में आशा की लापरवाही पाई गई है। वहीं, स्टाफ नर्स अनुराधा की लापरवाही से गर्भवती प्रसव कक्ष से निकलकर सीएचसी के बाहर पहुंच गई।
इस पर स्टाफ नर्स की ड्यूटी प्रसव कक्ष से हटाकर जनरल वार्ड में लगा दी गई है। आशा को कार्यमुक्त करने के लिए कमेटी गठित की जाएगी। पूरे मामले में सीएचसी अधीक्षक से भी जवाब तलब किया गया है।
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प्राथमिक जांच में स्टाफ नर्स और आशा की लापरवाही मिली। इस पर स्टाफ नर्स को प्रसव कक्ष से हटा दिया गया है। आशा को कार्यमुक्त करने के लिए जल्द कमेटी गठित की जाएगी। पूरे मामले में सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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रसूलाबाद क्षेत्र के जगम्मन धीर गांव निवासी शफीक की पत्नी रुकसाना बेगम (25) को बुधवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर शफीक ने गांव की आशा रामरोशनी से संपर्क किया और 102 एंबुलेंस से उसे सीएचसी रसूलाबाद लाए।
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यहां जांच के बाद डॉ. मीना कुरील ने गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद भी आशा ने गर्भवती को जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं बुलाई। वहीं, एंबुलेंस के इंतजार में गर्भवती प्रसव कक्ष से निकलकर सीएचसी के बाहर जमीन पर आधा घंटा तक तड़पती रही।
इसके बाद परिवार के लोगों की मदद से निजी अस्पताल चली गई। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इसकी जानकारी पर गुरुवार को सीएमओ डॉ. एके सिंह जांच के लिए सीएचसी पहुंचे।
प्राथमिक जांच के बाद उन्होंने बताया कि एंबुलेंस नहीं बुलाने में आशा की लापरवाही पाई गई है। वहीं, स्टाफ नर्स अनुराधा की लापरवाही से गर्भवती प्रसव कक्ष से निकलकर सीएचसी के बाहर पहुंच गई।
इस पर स्टाफ नर्स की ड्यूटी प्रसव कक्ष से हटाकर जनरल वार्ड में लगा दी गई है। आशा को कार्यमुक्त करने के लिए कमेटी गठित की जाएगी। पूरे मामले में सीएचसी अधीक्षक से भी जवाब तलब किया गया है।