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लाइनमैन का शव रख परिजनों ने बिजली घर में किया हंगामा
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रनियां बिजली घर में शव रखकर हंगामा करते परिजन व ग्रामींण।
- फोटो : AKBARPUR
रनियां (कानपुर देहात)। बिजली विभाग में संविदा पर तैनात लाइनमैन का शव बिजलीघर पर रखकर परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पांच घंटे बाधित कर दी। पांच लाख रुपये मुआवजे पर परिजन शांत हुए और शव लेकर घर चले गए। ठेकेदार ने तीन लाख रुपये का चेक मौके पर दिया। बाकी दो लाख रुपये दो माह के अंदर देने का लिखित आश्वासन दिया।
अकबरपुर कस्बे के मंसुरा गांव के रमाशंकर का बेटा अजीत कुमार (23) दो वर्षों से रनियां बिजली घर मे संविदा पर लाइनमैन के रूप में काम कर रहा था। बुधवार को वह रायपुर फीडर से जुड़ी एक फैक्टरी की लाइन में हुआ फाल्ट ठीक करने गया था। तभी अचानक करंट से गंभीर रूप से झुलस गया था। विद्युतकर्मी उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए थे। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
कानपुर में पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को परिजन शाम पांच बजे शव लेकर रनियां अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। वहां शव रख मुआवजे की मांग करने लगे। इस बीच विद्युत कर्मियों ने ग्रामीण क्षेत्र के साथ औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति बाधित कर दी। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। अफसरों ने ठेकेदार से बात कर मृतक के परिजनों की मदद के लिए कहा। एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि रात नौ बजे ठेकेदार के आने के बाद समझौता हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए।
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सौ फैक्टरियों की बिजली गुल होने से लाखों की चपत लगी
लाइन मैन की मौत से नाराज विद्युत कर्मियों ने रनियां सब स्टेशन से जुड़े औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पांच घंटे बाधित कर दी। इस कारण सौ से अधिक फैक्टरियों को करोड़ों की चपत लगी। उत्पादन प्रभावित होने पर जेनरेटर चलाने पड़े।
बिजली गुल होने से रनियां सब स्टेशन से जुड़ी रिफाइनरी, प्लास्टिक फैक्टरी समेत कई बड़ी इकाइयों का उत्पादन ठप हो गया। इससे फैक्टरी संचालक परेशान रहे। कई जगह जनरेटर चलाए गए।
इससे फैक्टरी संचालकों का लाखों रुपये का डीजल खर्च हुआ। आईआईए के चेयरमैन आलोक जैन ने बताया कि आपूर्ति बाधित होने से सौ से अधिक फैक्टरियों में काम बंद रहा। बड़ी फैक्टरियों के संचालक मशीनें चालू रखने के लिए जनरेटर चलवाते रहे। छोटी इकाइयों में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। इसलिए उनका उत्पादन पूरी तरह से बंद रहा। चेयरमैन ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति लगातार घंटों तक बाधित रहना बड़ी बात है। इससे फैक्टरी संचालकों का भारी नुकसान हुआ है। एसडीओ ने बताया कि शाम पांच से रात नौ बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित कर देने से दिक्कत आई।
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अकबरपुर कस्बे के मंसुरा गांव के रमाशंकर का बेटा अजीत कुमार (23) दो वर्षों से रनियां बिजली घर मे संविदा पर लाइनमैन के रूप में काम कर रहा था। बुधवार को वह रायपुर फीडर से जुड़ी एक फैक्टरी की लाइन में हुआ फाल्ट ठीक करने गया था। तभी अचानक करंट से गंभीर रूप से झुलस गया था। विद्युतकर्मी उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए थे। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
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कानपुर में पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को परिजन शाम पांच बजे शव लेकर रनियां अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। वहां शव रख मुआवजे की मांग करने लगे। इस बीच विद्युत कर्मियों ने ग्रामीण क्षेत्र के साथ औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति बाधित कर दी। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। अफसरों ने ठेकेदार से बात कर मृतक के परिजनों की मदद के लिए कहा। एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि रात नौ बजे ठेकेदार के आने के बाद समझौता हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए।
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सौ फैक्टरियों की बिजली गुल होने से लाखों की चपत लगी
लाइन मैन की मौत से नाराज विद्युत कर्मियों ने रनियां सब स्टेशन से जुड़े औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पांच घंटे बाधित कर दी। इस कारण सौ से अधिक फैक्टरियों को करोड़ों की चपत लगी। उत्पादन प्रभावित होने पर जेनरेटर चलाने पड़े।
बिजली गुल होने से रनियां सब स्टेशन से जुड़ी रिफाइनरी, प्लास्टिक फैक्टरी समेत कई बड़ी इकाइयों का उत्पादन ठप हो गया। इससे फैक्टरी संचालक परेशान रहे। कई जगह जनरेटर चलाए गए।
इससे फैक्टरी संचालकों का लाखों रुपये का डीजल खर्च हुआ। आईआईए के चेयरमैन आलोक जैन ने बताया कि आपूर्ति बाधित होने से सौ से अधिक फैक्टरियों में काम बंद रहा। बड़ी फैक्टरियों के संचालक मशीनें चालू रखने के लिए जनरेटर चलवाते रहे। छोटी इकाइयों में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। इसलिए उनका उत्पादन पूरी तरह से बंद रहा। चेयरमैन ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की आपूर्ति लगातार घंटों तक बाधित रहना बड़ी बात है। इससे फैक्टरी संचालकों का भारी नुकसान हुआ है। एसडीओ ने बताया कि शाम पांच से रात नौ बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित कर देने से दिक्कत आई।