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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Dehat : 20 years imprisonment for misdeeds an innocent, the court gave its verdict in 29 days

Kanpur Dehat: मासूम से दुष्कर्म का मामला, 29 दिन में कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोषी को 20 साल की कैद

Fri, 18 Aug 2023 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Fri, 18 Aug 2023 01:31 AM IST
सार

एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का पर्यवेक्षण और सिपाही योगेंद्र की पैरवी भी अदालत में जबरदस्त रही। इसी का नतीजा रहा कि एक महीने के अंदर आरोपी को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी।

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Kanpur Dehat : 20 years imprisonment for misdeeds an innocent, the court gave its verdict in 29 days
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर देहात में रूरा क्षेत्र के एक गांव में पिछले महीने आठ वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के 29 दिन बाद कोर्ट ने फैसला सुना दिया। पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

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विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि रूरा के एक गांव निवासी मासूम को 13 जुलाई को घर के बाहर से वहीं का अनुज सिंह बहलाकर खेत ले गया और उससे दुष्कर्म किया था। पीड़ित के पिता की तहरीर पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर अनुज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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इतना ही नहीं पुलिस ने विवेचना कर तीन दिन में आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 13 पॉक्सो बाकर शमीम रिजवी की कोर्ट में चल रही थी। अदालत ने 17 जुलाई को आरोप तय कर दिए थे।

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इसके बाद अदालत में मामले की नियमित सुनवाई शुरू होने पर अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष ने भी चार गवाहों को अदालत में पेश कर उनकी गवाही दर्ज कराई थी। मामले में पिछली तिथि पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई थी।

गुरुवार को अदालत ने अनुज को दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटने का आदेश दिया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।

पीड़िता के बयान बने सजा का आधार
विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाहों को अदालत में पेश किया गया था। इनमें मुख्य गवाह स्वयं पीड़िता थी। पीड़िता ने अपने बयानों से कोर्ट में दुष्कर्म की घटना को साबित किया था। घटना की पुष्टि होने पर कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है।

जिले का पहला मामला, सबसे कम समय में मिली अपराधी को सजा
शासन ने अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए पिछले महीने ऑपरेशन कन्विक्शन की शुरूआत करते हुए अभियोजन पक्ष को मामले चिह्नित कर 30 दिनों में विचारण पूरा कर अपराधी को सजा दिलाए जाने के संबंध में आदेश जारी किए गए थे। विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में पुलिस ने घटना की एफआईआर 13 जुलाई को दर्ज करने के चौबीस घंटे के अंदर 14 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

17 जुलाई को मामले की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए थे। मामले में 19 जुलाई को आरोपी पर कोर्ट ने आरोप तय किए थे इसके बाद पुलिस के सहयोग से सभी गवाहों को नियमित अदालत में पेश किया गया। इससे 29 दिनों में विचारण पूरा होने पर दोषी को सजा दिलाने में अभियोजन को कामयाबी मिली है। यह जनपद का पहला मामला है, जिसमें कम समय में अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचाया गया।

एसपी का पर्यवेक्षण, सिपाही की पैरवी रही जबरदस्त
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस अफसरों ने आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का फैसला कर लिया था। यही वजह रही कि रूरा थानाप्रभारी समर बहादुर सिंह ने केस रजिस्टर्ड करने के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिर तीन दिन में विवेचना पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का पर्यवेक्षण और सिपाही योगेंद्र की पैरवी भी अदालत में जबरदस्त रही। इसी का नतीजा रहा कि एक महीने के अंदर आरोपी को अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी।

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