कानपुर: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गहरे गड्ढे, कटी जालियों से बढ़ा हादसों का खतरा, सवाज- जिम्मेदारी कब तय होगी?
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाईस्पीड कॉरिडोर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही बारिश ने निर्माण और रखरखाव की पोल खोल दी है। बिल्हौर क्षेत्र के अरौल के पास एक्सप्रेस-वे की मुख्य सड़क और सर्विस रोड पर पानी से भरे गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
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उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे को तेज रफ्तार और बेहतर और सुरक्षित सफर का जरिया माना जाता है, लेकिन बारिश के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की बदहाल तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। बिल्हौर क्षेत्र में बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क और सर्विस रोड पर जगह-जगह गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं। पानी भरने के कारण कई गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई तक नहीं देते।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे देश के प्रमुख हाईस्पीड कॉरिडोर में शामिल है। इसके बावजूद सुरक्षित सफर को लेकर चिंता बढ़ गई है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के लिए पानी से भरे गड्ढे लगातार खतरा बने हुए हैं। वही सड़क किनारे जगह जगह पर जालियां कटी हुई है। स्थानीय स्तर तस्वीरों में मुख्य मार्ग से लेकर सर्विस रोड तक कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही है।
कहीं पैच उखड़ा, तो कहीं गहरे गड्ढे
भारी वाहनों के गुजरने से सड़क का कंक्रीट उखड़कर आसपास फैल रहा है। बारिश का पानी और सड़क पर बिखरा मलबा हादसे का कारण बन सकता है। सबसे बड़ा सवाल सड़क की मरम्मत को लेकर भी है। बारिश से पहले या उसके दौरान किए गए पैचवर्क कई जगह टिक नहीं पाए हैं। कहीं पैच उखड़ चुके हैं, तो कहीं सड़क दोबारा गड्ढों में तब्दील होती नजर आ रही है।
सुरक्षित सफर की जिम्मेदारी कब तय होगी?
ऐसे में मरम्मत के नाम पर होने वाले खर्च और उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हाल के दिनों में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की परियोजना और उपयोगिता को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं। अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की बदहाल तस्वीरों ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और रखरखाव पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि हाईस्पीड कॉरिडोर पर वाहनों की रफ्तार बढ़ाने के साथ सुरक्षित सफर की जिम्मेदारी कब तय होगी?