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CSJMU में मेधावियों का सम्मान: सीएसजेएमयू दीक्षांत में छात्राओं का दबदबा, 82 फीसदी को मिले मेडल

Thu, 09 Jul 2026 01:58 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 09 Jul 2026 01:58 PM IST
सार

Kanpur News: छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावियों को पदक व उपाधियाँ प्रदान कीं। इस वर्ष गोल्ड मेडल की दौड़ में बेटियों ने बाजी मारी है, कुल 51 गोल्ड मेडलिस्ट में से 42 छात्राएं हैं और मात्र नौ छात्र हैं।

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Kanpur CSJMU Convocation Female students bag 42 out of 51 medals
सीएसजेएमयू - फोटो : amar ujala

विस्तार

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 41वें दीक्षांत समारोह में छात्राओं का दबदबा रहा। कुल 1,07,713 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गई, जबकि 51 मेधावियों को 96 पदक मिले। इसमें 82 फीसदी संख्या छात्राओं की है। स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की प्रिया यादव को कुलाधिपति स्वर्ण समेत पांच पदकों और स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के एमएससी इन माइक्रोबायोलॉजी के रोहित कुमार राॅय को कुलाधिपति रजत समेत तीन पदकों से सम्मानित किया गया। पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग की प्रियंका कठेरिया को स्व अतुल माहेश्वरी पत्रकारिता स्मारक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। पहली बार मंच से केवल 25 मेधावियों को पदक दिए गए। अभिभावकों को भी मंच पर बुलाया गया।

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वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागार में गुरुवार को हुए दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन व दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी शामिल रहे।

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प्रो. विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। दीक्षांत से पहले हुए दीक्षोत्सव पर दो मिनट की फिल्म दिखाई गई। नन्हे मुन्नो की ओर से बहने दे पानी की तरह और विवि के छात्रों की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर नृत्य प्रस्तुति किया गया। परंपरागत कच्छ चर्म शिल्प के विशिष्ट शिल्पाचार्य व उद्यमी अंचल पी. बिजलानी को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट.) की मानद उपाधि दी गई।


 

कुलाधिपति ने उपाधि पंजिका पर डिजिटल हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की उपाधियां, अंकतालिकाएं डिजीलॉकर पर ऑनलाइन माध्यम (बटन दबाकर) से अपलोड की। दीक्षांत समारोह से पहले कुलाधिपति और मुख्य अतिथि ने परिसर में पौधा रोपण किया। इस अवसर पर स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, प्रो. संदीप सिंह, डॉ. विवेक सचान, डॉ. प्रवीण कटियार, डॉ. प्रवीणभाई पटेल, डॉ. दिवाकर अवस्थी समेत अन्य मौजूद रहे।
 

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चार उत्कृष्ट शिक्षकों किया सम्मानित
क्राइस्ट चर्च कॉलेज के रसायन विभाग की प्रो. मीतकमल, एएनडी की मनोविज्ञान विभाग की डॉ. शिखा वर्मा, डीएवी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह तथा सीएसजेएमयू के सतत शिक्षा एवं प्रसार विभाग के डॉ. मानस उपाध्याय को ''उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान'' प्रदान किया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट दी गई। स्कूल में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के छात्रों को पुरस्कृत किया।

प्रियंका कठेरिया को मिला स्व. अतुल माहेश्वरी पत्रकारिता स्वर्ण पदक
सीएसजेएमयू के 41वें दीक्षांत समारोह में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के परास्नातक विभाग की प्रियंका कठेरिया को स्व. अतुल माहेश्वरी पत्रकारिता स्मारक स्वर्ण पदक मिला। यह पदक पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के परास्नातक विभाग में सर्वोच्च अंक लाने वाले मेधावी को दिया जाता है। प्रियंका के 78.65 फीसदी अंक आए हैं।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के परास्नातक विभाग की प्रियंका कठेरिया का कहना है कि गोल्ड मेडल मिलना उनके और पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है। विश्वविद्यालय में बिताए पांच साल उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। टॉपर बनने के लिए उन्होंने हमेशा शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्हें व्यवस्थित तरीके से तैयार किया। सोशल मीडिया का उपयोग सीमित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से किया, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

कोयलानगर निवासी प्रियंका के पिता भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हैं। मां फूल कुमारी गृहिणी हैं। डिजिटल जर्नलिज्म को पसंद करने वाली प्रियंका कहती हैं कि वह अभी अपने कौशल को और निखार रही हैं। जूनियर कम्फर्ट जाेन से बाहर निकलें, अनुशासित रहें, कॉलेज जीवन को पूरी तरह जिएं और हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
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