UP: बसों-ट्रेनों की भीड़ लाई होली पर 2 गुना कमाई, झकरकटी बस अड्डे पर 1 दिन में डेढ़ लाख यात्रियों ने किया सफर
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होली मनाने घर आने वाले और मनाकर वापस काम पर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ ने रोडवेज और रेलवे दोनों की कमाई बढ़ाई। आम दिनों की अपेक्षा दोगुना तक आमदनी हुई। होली के एक दिन पहले छह और सात मार्च को आने वाले और होली मनाकर लौटने वालों की सबसे ज्यादा भीड़ रविवार 12 मार्च को रही इन दिनों में ही सबसे ज्यादा टिकटों की बिक्री हुई।
कानपुर क्षेत्र की परिवहन निगम की बसों से यात्रियों का किराया 10 दिनों में 8.60 करोड़ रुपये हासिल हुआ। इसमें छह और सात मार्च को एक करोड़ 10 लाख और एक करोड़ 16 लाख रुपये के टिकट बने। जबकि होली बाद रविवार को एक करोड़ 15 लाख रुपये के टिकट बने। आम दिनों में एक दिन में 60 से 65 लाख रुपये की आमदनी होती है। इन दिनों में प्रतिदिन करीब कानपुर की बसों में 90 हजार यात्रियों ने सफर किया।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि होली पर यात्री लोड बेहतर मिला। कानपुर परिक्षेत्र की बसों में पिछली होली से अधिक इस बार के 10 दिनों में यानी तीन से 12 मार्च तक यात्री बढ़े। पिछली होली में 10 दिनों का राजस्व करीब सात करोड़ रुपये हासिल हुआ था। झकरकटी बस अड्डे से आम दिनों में 58 से 60 हजार यात्रियों के सफर करने का औसत है लेकिन होली पर छह, सात और 12 मार्च को करीब डेढ़ लाख यात्रियों ने सफर किया।
एक दिन में बिके 55 हजार रेलवे टिकट
आम दिनों में करीब 23 से 25 हजार जनरल टिकटों की बिक्री होती थी लेकिन होली पर एक दिन में 55 हजार जनरल टिकट बनने का रिकॉर्ड बना। करीब 60 हजार यात्रियों ने एक दिन में कानपुर से जनरल टिकट लेकर यात्रा की। होली पर 10 दिनों का औसत टिकटों की बिक्री 45 हजार टिकट प्रतिदिन की रही। आम दिनों में 23 से 25 लाख रुपये के टिकट बिकते थे। होली पर प्रतिदिन 48 से 50 लाख रुपये के जनरल टिकटों की बिक्री हुई।