Madhu Kapoor murder case: हत्यारों के बीच हुआ था विवाद, तब मुखबिर तक पहुंची थी बात, ये तथ्य भी आया सामने
मधु कपूर हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा किया था कि तीन ज्वैलर्स भी इसमें शामिल हैं। जिन्होंने लूट के जेवरात खरीदे। पुलिस का दावा है कि उनकी तलाश में दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिले। वह दावा गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि अचानक हुई कार्रवाई सराफ को कैसे पता चल गई। आशंका है कि सराफ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में मधु कपूर हत्याकांड का राजफाश होने में हत्यारोपियों का आपसी विवाद सबसे बड़ी वजह रही। लूटे गए पैसे और जेवरात के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मुख्य आरोपी ने अपने कई परिचितों से इस बारे में बताया था। उसी में एक पुलिस का मुखबिर था जिसके बाद पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं और वारदात का खुलासा किया।
स्वरूपनगर में स्थित कॉनकॉर्ड अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 307 में 14 फरवरी की रात बदमाशों ने घुसकर ज्योतिषाचार्या मधु कपूर की हत्या कर दी थी। नकदी व जेवरात लूट ले गए थे। सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर आरोपी विपिन, गौतम व संदीप को जेल भेजा था। एसीपी स्वरूपनगर व्रजनारायण सिंह ने बताया कि तीनों ने नकदी व जेवरात का बंटवारा किया था। जिसमें मामूली रकम व थोड़े जेवरात विपिन को दिए थे जबकि वही मास्टरमाइंड था।
इस बात को लेकर विपिन का इन दोनों से विवाद गया था। एक महीने पहले मारपीट भी हो गई थी। तब से विपिन कुछ लोगों से घटना के बारे में बताकर कहा था कि वह इन दोनों को जेल भिजवा देगा। गहने बेचने की भी बात कही थी। तब यह जानकारी पुलिस तक पहुंची थी।
सराफ अब तक पकड़ से दूर, उठ रहे सवाल
तीनों आरोपी बेखौफ होकर अपने घर पर ही रह रहे थे। पुलिस ने खुलासा किया था कि तीन ज्वैलर्स भी इसमें शामिल हैं। जिन्होंने लूट के जेवरात खरीदे। पुलिस का दावा है कि उनकी तलाश में दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिले। वह दावा गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि अचानक हुई कार्रवाई सराफ को कैसे पता चल गई। आशंका है कि सराफ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। एसीपी का कहना है कि जल्द इन सभी पर कार्रवाई होगी।