कानपुर: शुक्लागंज में अंत्येष्टि स्थल बदहाल, गंदगी और झाड़ियों से पटा, आवारा जानवरों का कब्जा, जिम्मेदार बेखबर
Kanpur News: शुक्लागंज की सीताराम कॉलोनी में नमामि गंगे योजना से बना श्मशान घाट पालिका की अनदेखी से बदहाल है, जहाँ गंदगी, टूटी बेंचों और नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। व्यवस्था न होने से लोग अंतिम संस्कार के लिए मिश्रा कॉलोनी घाट जाने को मजबूर हैं, हालाँकि ईओ ने दो दिन में व्यवस्था ठीक करने का दावा किया है।
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शुक्लागंज में सीताराम काॅलोनी स्थित नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत बनाए गए श्मशान घाट का बुरा हाल है। नगर पालिका की अनदेखी के चलते यहां ऊंचे-ऊंचे झांड़-झंकाड़ खड़े हैं। चारों ओर गंदगी की भरमार है। शाम होते ही नशेबाजों का यहां अड्डा बन जाता है। दिन में आवारा जानवर विचरण करते हैं। यही नहीं अंत्योष्टि के बाद चिता-भस्म में कुत्ते मंडराने लगते हैं।
बता दें कि नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत लाखों की लागत से सीताराम काॅलोनी के मनोहरनगर मोड़ की ओर नवीन श्मशान घाट यह सोचकर बनाया गया था कि बाढ़ आने के दौरान इसे प्रयोग में लाया जा सकेगा। लोगों को अधिक दूर न जाना पड़े बाढ़ आने पर यहीं पर अंत्येष्टि की जा सके जो लापरवाही की भेंट चढ़ गया। पालिका की अनदेखी के कारण श्मशाम घाट के चारों ओर गंदगी की भरमार है।
जानवरों की धमाचौकड़ी दिन में अधिक रहती है रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। मुख्य द्वार पर कीचड़ है, बैठने वाली बेंच टूटी है। टिनशेड भी टूटे हैं और रेलिंग जगह-जगह से गायब है। जानवरों की धमाचौकड़ी दिन में अधिक रहती है, जहां अंत्योष्टि स्थल में कुत्ते आराम फरमाते देखे जाते हैं। दूर दराज से अंतिम संस्कार कराने वाले लोग यहां की बजाए मिश्रा काॅलोनी श्मशान घाट पहुंच जाते हैं।
दुरूस्त कराई जाएंगी व्यवस्थाएं
यहां लोड बढ़ जाने से व्यवस्था अस्त व्यस्त हो जाती है। घाट के डोम कैलाश ने बताया कि शाम होते ही यहां नशेबाजी शुरू हो जाती है जबकि बगल में ही पुलिस चौकी भी है। बालू घाट चौकी प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि रात के साथ अब शाम को भी गश्त बढ़ाई जाएगी। पालिका ईओ राजेश कुमार ने बताया कि यहां की व्यवस्थाएं एक दो दिनों में दुरूस्त कराई जाएगी।