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तीसरी लहर तैयारियां बेअसर: घाटमपुर पीएचसी की व्यवस्था भगवान भरोसे, डॉक्टर बैठते नहीं, फार्मासिस्ट-वार्ड ब्वॉय करते इलाज

वरुण त्रिवेदी, अमर उजाला, घाटमपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 29 May 2021 02:53 PM IST
सार

 कोरोना की तीसरी लहर की चुनौतियों के बीच घाटमपुर में पीएचसी की व्यवस्था ही भगवान भरोसे है। यहां फार्मासिस्ट-वार्ड ब्वॉय इलाज करते हैं।

कुटरा पीएचसी में मरीजों का इलाज कर रहे फार्मासिस्ट
कुटरा पीएचसी में मरीजों का इलाज कर रहे फार्मासिस्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंचायत चुनावों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण और बुखार का कहर बरपा। अब कोरोना की तीसरी लहर और खतरनाक होने के संकेत मिल रहे हैं। इससे निपटने के स्वास्थ्य विभाग के दावे तो हजार हैं, पर गांवों में सब हवा में है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार माने जाने वाले पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) महज टीकाकरण केंद्र बनकर रह गए हैं।


ये पहली और दूसरी लहर में काम नहीं आए और तीसरी में भी इनकी उपयोगिता सवालों के घेरे में है। घाटमपुर ब्लॉक के बीबीपुर और कुटरा पीएचसी का तो यही हाल है। ये दोनों अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे हैं। वहीं बरीपाल पीएचसी की कमान वार्ड ब्वॉय के हाथों में है। पीएचसी की ओपीडी ठप होने से ग्रामीण मजबूरन झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं।


चिकित्सक की इमरजेंसी ड्यूटी, ओपीडी ठप
सुबह करीब 11:39 बजे पीएचसी बरीपाल के अंदर सन्नाटा था। कोविड वैक्सीन कोल्ड चेन रूम में तैनात हैंडलर जीवन प्रकाश ड्यूटी पर मिले। वार्ड ब्वॉय ने बताया कि पीएचसी में तैनात डॉ. संदीप गुप्ता सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी लगने की वजह से नहीं आ सके। वार्ड ब्वॉय यहां पहुंचने वाले मरीजों का इलाज कर दवाएं देता है।

चिकित्सक नहीं, फार्मासिस्ट करता है इलाज
दोपहर करीब 12:41 बजे पीएचसी बीबीपुर का गेट खुला था। फार्मासिस्ट अमर सिंह और वार्ड ब्वॉय संतोष पांडेय पेड़ केे नीचे बैठे एक मरीज से बात कर रहे थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि पीएचसी में संविदा चिकित्सक डॉ. आरती सचान की तैनाती है। फार्मासिस्ट चिकित्सक की अनुपस्थिति का कारण नहीं बता सका। उन्होंने बताया कि मैडम कल आईं थीं, किसी कारणवश आज नहीं आ सकीं। यहां दवाओं की किल्लत नहीं है। हालांकि, साफ-सफाई की व्यवस्था खराब है। बरीपाल सीएचसी में तैनात सफाईकर्मी की तीन दिन ड्यूटी यहां लगाई गई है, लेकिन बेड और वार्ड धूल से भरे नजर आए।

चिकित्सक ट्रेनिंग पर, वार्ड ब्वॉय पेड़ के नीचे लेटा
दोपहर करीब 1:28 बजे पीएचसी कुटरा में फार्मासिस्ट विमल सिंह अपने कमरे में मिले। यहां पर भी चिकित्सक मौके पर नहीं थे। वार्ड ब्वॉय शंकर स्वास्थ्य खराब होने के चलते पेड़ के नीचे लेटा था। फतेहपुर से प्रतिदिन आकर ड्यूटी करने वाले फार्मासिस्ट केे भरोसे पीएचसी का संचालन हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां तैनात डॉ. कपिल कुमार ट्रेनिंग पर बाहर गए हैं। इसके चलते वह मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यहां बुखार-खांसी के ही मरीज आते हैं। 

मढ़ा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में भरा मिला भूसा
क्षेत्र के गांव मढ़ा में सालों पहले लाखों की कीमत से बने स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन खंडहर हो गया है। लोहे का दरवाजा टूट गया है। कमरों के खिड़की व दरवाजे लापता है। भवन के कमरों का उपयोग भूसा भरने के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि भवन में सालों से स्वास्थ्य कर्मी नहीं बैठे। विभाग की उपेक्षा के चलते धीरे-धीरे भवन खंडहर हो गया। गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर भूसा भरना शुरू कर दिया है।

बोले जिम्मेदार
सीएमओ के दौरे के चलते डॉ. संदीप गुप्ता उनकेे साथ थे। मैं खुद बरीपाल पीएचसी में मौजूद था। बीबीपुर की महिला चिकित्सक आरती सचान के पीएचसी न पहुंचने की जानकारी नहीं है। अगर वह शुक्रवार को पीएचसी नहीं पहुंची हैं तो उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा। कुटरा पीएचसी में तैनात चिकित्सक कपिल कुमार पीजी के लिए बाहर गए हैं। एक जून से सीएचसी के साथ ही क्षेत्र की सभी पीएचसी की व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी। - डॉ. कैलाश चंद्रा, सीएचसी अधीक्षक घाटमपुर 
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