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coronavirus: खुला घुम रहा कोरोना संदिग्ध, उर्सला में जांच के बाद घर लौटा, अस्पताल ने नहीं किया भर्ती
Tue, 21 Apr 2020 08:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 21 Apr 2020 08:16 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोना वायरय बहुत तेजी से फैल रहा है। कानपुर में कोरोना संक्रमिताें की संख्या 77 पहुंच गई है। ऐसे में लोगों के बीच कोरोना वायरस का डर धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नौबस्ता के मछरिया हॉटस्पॉट से भागकर अपनी दादी के यहां रावतपुर गांव पहुंचे एक युवक के बेहोश होने पर मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
एसीएम और सीओ की मौजूदगी में डॉक्टरों ने पीपीई किट न होने से संदिग्ध मरीज की जांच से इंकार कर दिया। एसीएम ने उसे एंबुलेंस से उर्सला भेजा, पर अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद टरका दिया, जबकि उसे भर्ती किया जाना चाहिए था या आइसोलेशन में रखना था। युवक रविवार को रावतपुर गांव के अंसारी मोहल्ले में अपनी दादी के यहां पहुंचा था।
सोमवार सुबह वह पार्षद जितेंद्र गांधी के मकान के बाहर पहुंचा और भूखा व बीमार बताकर खाना देने और इलाज कराने का आग्रह किया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। पार्षद ने बताया कि होश आने पर उसने कोरोना जैसे लक्षण बताएं। सूचना पर एसीएम-6, कल्याणपुर सीओ, कल्याणपुर थाना प्रभारी और रावतपुर पीएचसी के डॉक्टर मौके पर पहुंचे।
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युवक ने बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बदन में टूटन, चक्कर आने की शिकायत की। डॉक्टरों ने उसे कोरोना संदिग्ध बताया लेकिन जांच नहीं की। एसीएम ने दोपहर 12 बजे उसे एंबुलेंस से उर्सला भेजा, पर डॉक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। दोबारा रावतपुर पहुंचे युवक ने बताया कि जांच कर उसे चलता कर दिया। वहीं 108 के स्टाफ ने युवक को एंबुलेंस में बैठाकर सीएमओ को सूचना दे दी है। उधर, उर्सला के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने इसकी जानकारी से इनकार किया।
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एसीएम और सीओ की मौजूदगी में डॉक्टरों ने पीपीई किट न होने से संदिग्ध मरीज की जांच से इंकार कर दिया। एसीएम ने उसे एंबुलेंस से उर्सला भेजा, पर अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद टरका दिया, जबकि उसे भर्ती किया जाना चाहिए था या आइसोलेशन में रखना था। युवक रविवार को रावतपुर गांव के अंसारी मोहल्ले में अपनी दादी के यहां पहुंचा था।
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सोमवार सुबह वह पार्षद जितेंद्र गांधी के मकान के बाहर पहुंचा और भूखा व बीमार बताकर खाना देने और इलाज कराने का आग्रह किया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। पार्षद ने बताया कि होश आने पर उसने कोरोना जैसे लक्षण बताएं। सूचना पर एसीएम-6, कल्याणपुर सीओ, कल्याणपुर थाना प्रभारी और रावतपुर पीएचसी के डॉक्टर मौके पर पहुंचे।
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युवक ने बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बदन में टूटन, चक्कर आने की शिकायत की। डॉक्टरों ने उसे कोरोना संदिग्ध बताया लेकिन जांच नहीं की। एसीएम ने दोपहर 12 बजे उसे एंबुलेंस से उर्सला भेजा, पर डॉक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। दोबारा रावतपुर पहुंचे युवक ने बताया कि जांच कर उसे चलता कर दिया। वहीं 108 के स्टाफ ने युवक को एंबुलेंस में बैठाकर सीएमओ को सूचना दे दी है। उधर, उर्सला के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने इसकी जानकारी से इनकार किया।