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Kanpur: अब 200 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियां भी स्टार्टअप; डीप टेक के लिए खुले 300 करोड़ के द्वार, पढ़ें डिटेल

Mon, 16 Feb 2026 05:07 PM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 16 Feb 2026 05:07 PM IST
सार

Kanpur News: केंद्र सरकार ने स्टार्टअप के लिए टर्नओवर सीमा बढ़ाकर 200 करोड़ और डीप टेक के लिए 300 करोड़ कर दी है। अब कोऑपरेटिव सोसाइटी भी स्टार्टअप बन सकेंगी और प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल व पारदर्शी होगी।

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Kanpur Companies with a turnover of 200 crores are now startups 300 crores open for deep tech
स्टार्टअप (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala

विस्तार

अब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, एलएलपी, पार्टनरशिप फर्म और कोऑपरेटिव सोसाइटी को भी स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी जा सकेगी। स्टार्टअप की वैधता अवधि को 10 वर्ष तक बढ़ाया गया है। पहले यह अवधि 10 साल थी। इसके अलावा टर्नओवर सीमा को 100 करोड़ से बढ़ाकर 200 करोड़ कर दिया गया है। इस संबंध में चार फरवरी को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। कानपुर समेत प्रदेश में 19 हजार के करीब स्टार्टअप विभाग में पंजीकृत हैं। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, कानपुर चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष सीएस कौशल सक्सेना ने बताया कि स्टार्टअप इंडिया के लिए नया ढांचा लागू किया गया है।

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कॉरपोरेट अनुपालन के दृष्टिकोण से ये बड़ा सुधार है। भारत सरकार ने स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत स्टार्टअप की परिभाषा और मान्यता प्रणाली में बदलाव किया है। इस अधिसूचना को कॉरपोरेट गवर्नेंस और अनुपालन (कंप्लाइंस) के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी), पार्टनरशिप फर्म और कोऑपरेटिव सोसाइटी को भी स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी जा सकेगी। स्टार्टअप की वैधता अवधि को 10 वर्ष तक बढ़ाया गया है। टर्नओवर सीमा को 200 करोड़ किया गया है। पहली बार डीप टेक स्टार्टअप को औपचारिक रूप से एक पृथक श्रेणी में शामिल किया गया है।

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पोर्टल के माध्यम से आवेदन अनिवार्य किया
ऐसे स्टार्टअप के लिए मान्यता अवधि 20 वर्ष और टर्नओवर सीमा 300 करोड़ निर्धारित की गई है। डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए विस्तारित समय-सीमा बेहद महत्वपूर्ण है। यह दर्शाती है कि सरकार अब लंबी रिसर्च एंड डेवलेपमेंट साइकिल, आईपी क्रिएशन और वैज्ञानिक अनिश्चितताओं को समझते हुए नीति निर्माण कर रही है जो कानपुर, उत्तर प्रदेश और देश को वैश्विक इनोवेशन हब बनाने में सहायक होगा। स्टार्टअप मान्यता की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए विभाग के पोर्टल के माध्यम से आवेदन अनिवार्य किया गया है। आवेदन की स्वीकृति या अस्वीकृति के कारणों को रिकॉर्ड करना प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कर छूट के लिए आवेदन कर सकेंगे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप
कौशल ने बताया कि मान्यता प्राप्त स्टार्टअप आयकर अधिनियम की धारा 80 आईएसी के तहत कर छूट के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। हालांकि इसके साथ-साथ फंड के उपयोग को लेकर सख्त शर्तें भी लागू की गई हैं। अब स्टार्टअप के लिए केवल टैक्स लाभ लेना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि फंड का उपयोग केवल मुख्य व्यवसाय, नवाचार और विस्तार के लिए किया जाए। अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि मान्यता गलत या भ्रामक जानकारी के आधार पर प्राप्त की गई पाई जाती है तो उसे रद्द कर दिया जाएगा और ऐसी मान्यता को कभी जारी ही न की गई माना जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग में पंजीकृत 19,000 से ज्यादा स्टार्टअप में 9600 से अधिक महिलाओं के स्टार्टअप हैं।

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