Kanpur: सामुदायिक शौचालय...टोटियां गायब तो सीटें टूटीं, 45 लाख का प्रत्येक माह होता है भुगतान, पढ़ें रिपोर्ट
Kanpur News: कानपुर के सात ब्लॉकों में करोड़ों रुपये की लागत से बने सामुदायिक शौचालयों में से अधिकांश में ताला लटका मिला या वे बदहाल पाए गए। 45 लाख रुपये मासिक खर्च के बावजूद ग्रामीणों को सुविधा नहीं मिलने के कारण वे अब भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
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कानपुर के गांवों में सामुदायिक शाैचालय बनाने में सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए इसके बाद भी ग्रामीणों को सुविधा नहीं मिल रही है। अमर उजाला की टीम ने सात ब्लाॅकों के 12 सामुदायिक शौचालयों की पड़ताल की ताे कई शाैचालयों में ताला लटका मिला तो कई में पानी की व्यवस्था नहीं मिली। कई की सीटें टूटी हैं तो कहीं टोटियां गायब हैं। कई सामुदायिक शाैचालयों में घड़े रखे हैं और बाहर बकरियां बांधी जा रही हैं। सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकर और सफाई सामग्री के नाम पर प्रत्येक माह करीब 45 लाख रुपये का भुगतान होता है इसके बावजूद शौचालय का ताला सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए खुलता है। इससे अभी भी ग्रामीण खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।
बिधनू: शौचालय के बाहर बंधीं बकरियां, अंदर भरीं मटकियां
विकास खंड बिधनू की ग्राम पंचायत जमरही में सामुदायिक शौचालय के अंदर मिट्टी की मटकियां रखी जाती हैं। बाहर दरवाजे पर बकरियां बंधीं रहती हैं। इसी ब्लाॅक के ग्राम पंचायत अटवा में 2020-21 में महिला सामुदायिक शौचालय बनाया गया था। यहां छ: माह से मोटर खराब है जिस कारण पानी की सुविधा नहीं है। दो महीने पहले पानी की टंकी गिरकर टूट गई थी। शौचालय के अंदर टूटी सीट और ईंट पड़ी हुई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि महीनों से केयर टेकर नहीं आया, ताला लगा रहता।
सामुदायिक शौचालय में पड़ा रहता ताला
घाटमपुर ब्लाॅक क्षेत्र के बम्हौरी गांव में 2020-21 में सामुदायिक शौचालय बना था। कुछ माह बाद से ताला लगा है। गांव निवासी वीरेंद्र, ब्रजमोहन, कन्हैया ने बताया कि कई महीनों से ताला बंद है। वहीं, मवई भच्छन गांव में स्थित सामुदायिक शौचालय पर ताला लगा है। बाहर बड़ी-बड़ी घास, गंदा पानी भरा होने के साथ भैंस बंधी मिली। गांव के शिवपाल ने बताया कि पानी की टंकी फट चुकी है, टोटी खराब हैं। ताला लगा रहने से ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं आता है।
शौचालय की फर्श टूटी टोटियां गायब
सरसौल ब्लॉक के सेमरझाल सामुदायिक शौचालय के अंदर सभी टोटी टूट गई हैं। फर्श टूटकर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। आसपास बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। गांव के सुनील ने बताया कि सामुदायिक शाैचालय करीब छह वर्ष पहले बना था। साल में एक दो बार खुलता है। इसी तरह दीपापुुर गांव के सामुदायिक शौचालय में ताला लगा मिला। विनीत बताते हैं कि सामुदायिक शौचालय जंगल में बना दिया। कोई खोलने नहीं आता।
दो वर्ष में एक बार भी नहीं खुला ताला
पतारा ब्लॉक के पड़रीलालपुर गांव का मजरा रघुनाथपुर में चार साल पहले बने सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिला। ग्रामीण प्रदीप, सुबेदार ने बताया कि दो वर्ष से लगातार ताला बंद है। वहीं, केवडिया गांव में बने सामुदायिक शौचालय का भी यही हाल है। राजेश, पवन बताते हैं सामुदायिक शौचालय जब कोई अधिकारी आता है तब खोलकर दिखा दिया जाता। इसके बाद ताला लगा दिया जाता।
चार शौचालय बाल्टी एक, टोटी भी टूटी
भीतरगांव ब्लॉक के गौरीककरा गांव के बाहर महिला काॅम्प्लेक्स खुलता तो प्रतिदिन लेकिन वहां असुविधाओं को बोल बाला है। शौचालय की टोटी टूटने के कारण अंदर पानी भरने की व्यवस्था नहीं है। शौचालय प्रयोग बंद पङा है। एक सीट जमीन के अंदर धंस गई है जबकि दूसरे में कबाड़ भरा है। कमोड सीट के ऊपर धूल की परत जमी है। केयर टेकर अन्नू बताती हैं तीन साल से झाड़ू तक नहीं मिली है। इसी ब्लाॅक के करचुलीपुर ग्राम पंचायत के बाहर बने सामुदायिक शौचालय की फर्श टूटी पड़ी है। वहीं, उदईपुर गांव का शौचालय बाहर से रंगा पुता है, लेकिन अंदर फर्श टूटी है, दीवारों में मकड़ी का जाला भी लगा है।
प्रधान और केयर टेकर की पटती नहीं, बंद रहता ताला
चौबेपुर ब्लाॅक के बिरोहा ग्राम पंचायत के मितनपुर गांव में बने शौचालय में ताला लगा मिला। गांव के शिवपाल, कन्हैयालाल बताते हैं कि प्रधान राम देवी व केयरटेकर दीपा के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते ताला लगा रहता है। इसी तरह बंदी माता तिराहे पर बने शौचालय में अतिक्रमण है। महिलाएं शौचालय तक नहीं पहुंचती।
पानी का इंतजाम नहीं, खुले में करते शौच
शिवराजपुर ब्लाॅक के बिलहन गांव में बना सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं आता है। गांव के पुत्तन, सागर बताते हैं कि शौचालय में पानी तक का इंतजाम नहीं है। कई बार प्रधान से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों को खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ता है।
केयर टेकर शाैचालय खोलने और सफाई करने नहीं जा रहे हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिन शाैचालयों पर कब्जे हो गए हैं या टूट फूट हो गई है उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। -दीक्षा जैन, सीडीओ