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जीटी रोड किनारे बसे ग्रामीणों को मिलेगा मुआवजा
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बिल्हौर। जीटी रोड चौड़ीकरण और विस्तारीकरण को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन के बाद अब जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। राजस्व अधिकारियों की मानें तो उन्हें राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज आबादी की भूमि पर रह रहे गृह स्वामियों को जमीन अधिग्रहण पर मुआवजा के आदेश मिले हैं।
क्षेत्र के गांगूपुर, काजीगंज हसौली, सरैया, अरौल, मेडुआ, बकोठी, रसूलपुर, धौरसलार सहित तहसील क्षेत्र के छोटे-बड़े करीब एक दर्ज गांवों में जीटी रोड चौड़ीकरण में बड़ी संख्या में ऐसे ग्रामीणों के मकान अधिग्रहीत किए जा रहे हैं जिनके पास घर के कोई राजस्व अभिलेख नहीं है और राजस्व विभाग में भी ऐसे लोगों की कोई सूची नहीं है। बिल्हौर विधायक भगवती सागर द्वारा बीते दिनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित शासन के कई आलाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया था। इसके बाद अब राजस्व अधिकारी आबादी की भूमि में रह रहे ग्रामीणों को मुआवजा दिए जाने की बात कहने लगे हैं। एसडीएम बिल्हौर मीनू राणा ने बताया कि रसूलपुर गांव में आबादी की भूमि में बसे करीब 45 लोगों की सूची तैयार कर कलक्ट्रेट के माध्यम से एनएचएआई को भेजी गई है, उक्त सभी ग्रामीणों को जल्द ही मुआवजा मिलने की संभावना है। इसी तरह अन्य गांवों में भी लेखपालों को लगाकर आबादी की भूमि में रहने वाले ग्रामीणों की सूची बनवाई जाएगी।
उधर, एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण सहायक सुमित मिश्रा व सचिन शर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा आबादी की भूमि में बसे ग्रामीणों की जो सूची उपलब्ध कराई है उनकी मुआवजे की डिमांड भेज दी गई है। क्षेत्र के कई ऐसे गांव हैं जहां बड़ी संख्या में लोग जीटी रोड पर आकर बस गए हैं, ऐसे लोगों को हटाने पर मुआवजा का अभी तक कोई प्रावधान नहीं है।
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क्षेत्र के गांगूपुर, काजीगंज हसौली, सरैया, अरौल, मेडुआ, बकोठी, रसूलपुर, धौरसलार सहित तहसील क्षेत्र के छोटे-बड़े करीब एक दर्ज गांवों में जीटी रोड चौड़ीकरण में बड़ी संख्या में ऐसे ग्रामीणों के मकान अधिग्रहीत किए जा रहे हैं जिनके पास घर के कोई राजस्व अभिलेख नहीं है और राजस्व विभाग में भी ऐसे लोगों की कोई सूची नहीं है। बिल्हौर विधायक भगवती सागर द्वारा बीते दिनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित शासन के कई आलाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया था। इसके बाद अब राजस्व अधिकारी आबादी की भूमि में रह रहे ग्रामीणों को मुआवजा दिए जाने की बात कहने लगे हैं। एसडीएम बिल्हौर मीनू राणा ने बताया कि रसूलपुर गांव में आबादी की भूमि में बसे करीब 45 लोगों की सूची तैयार कर कलक्ट्रेट के माध्यम से एनएचएआई को भेजी गई है, उक्त सभी ग्रामीणों को जल्द ही मुआवजा मिलने की संभावना है। इसी तरह अन्य गांवों में भी लेखपालों को लगाकर आबादी की भूमि में रहने वाले ग्रामीणों की सूची बनवाई जाएगी।
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उधर, एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण सहायक सुमित मिश्रा व सचिन शर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा आबादी की भूमि में बसे ग्रामीणों की जो सूची उपलब्ध कराई है उनकी मुआवजे की डिमांड भेज दी गई है। क्षेत्र के कई ऐसे गांव हैं जहां बड़ी संख्या में लोग जीटी रोड पर आकर बस गए हैं, ऐसे लोगों को हटाने पर मुआवजा का अभी तक कोई प्रावधान नहीं है।
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