एक्सक्लूसिव: कानपुर नगर और देहात ने किया रिकॉर्ड तोड़ निर्यात, प्रदेश में भी 33 प्रतिशत की ग्रोथ
आंकड़ों के मुताबिक इस बार कानपुर के चमड़ा और चमड़े के उत्पादों का 1750 करोड़ रुपये का निर्यात हो चुका है। इसके अलावा कॉटन गारमेंट, गाउन आदि का 41 करोड़ का निर्यात हुआ है।
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विस्तार
अकेले कानपुर नगर का निर्यात करीब आठ हजार करोड़ है। फरवरी और मार्च में चार हजार करोड़ के और निर्यात होने का अनुमान है। ऐसे में पहली बार नगर के निर्यात का आंकड़ा 12 हजार करोड़ से ऊपर पहुंचने का अनुमान है। पिछले साल यह 9500 करोड़ था।
इसी तरह कानपुर देहात में भी दो महीनों में 1500 करोड़ का निर्यात हो सकता है। इस तरह देहात जिला भी निर्यात के मामले में साढ़े छह हजार करोड़ के ऊपर पहुंच जाएगा। पिछले साल यह महज तीन हजार करोड़ था। वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो इस वित्तीय वर्ष में 33 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल रही है।
इसी तरह रॉ हाइड का 1040 करोड़, इंजीनियरिंग आइटम का 4121 करोड़ का निर्यात हुआ है। इसके अलावा सौ करोड़ का गेहूं और 590 करोड़ के सुरक्षा उपकरण, 127 करोड़ के टर्बोजेट, टर्बोविन और 108 करोड़ का बोनलेस मीट, बोलाइन और एनिमल का निर्यात किया गया है। टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट आइटम, मसाला, केमिकल आदि का भी निर्यात बढ़ा है।
बातचीत
चमड़ा और चमड़ा उत्पाद में करीब 45 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल रही है। पूरी दुनिया में चमड़ा और चमड़ा उत्पादों की मांग बढ़ी है। कोरोना के बाद से चमड़ा उद्योग के लिए नए अवसर बढ़ रहे हैं। सरकार भी निर्यात बढ़ाने में प्रोत्साहन दे रही है। - आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
इस वित्तीय वर्ष के दो महीने के आंकड़े आने के बाद कानपुर नगर और देहात से करीब 18 हजार करोड़ का निर्यात होने का अनुमान है। ऐसा पहली बार होगा कि इतने बड़े पैमाने पर शहर और देहात से उत्पादों का निर्यात किया गया है। चमड़ा उद्योग सबसे आगे हैं। - आलोक श्रीवास्तव, संयोजक फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन
ऐसा पहली बार होगा कि शहर से 12 हजार करोड़ से ज्यादा का निर्यात किया जाएगा। रूस-यूक्रेन संकट न आता तो यह आंकड़े और अधिक होते लेकिन निर्यात बढ़ना ही बड़ी उपलब्धि है। - जफर फिरोज, आयात-निर्यात विशेषज्ञ
वित्तीय वर्ष 2017-18 में 88,967 करोड़
वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1,14,056 करोड़
वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1,20,356 करोड़
वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1,21,139 करोड़
वित्तीय वर्ष 2021-22- 1,25,903 करोड़ (अप्रैल 2021 से जनवरी 22 तक)