{"_id":"5bd54929bdec22698e6eb2fa","slug":"kanpur-city-air-is-the-most-polluted","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर की हवा सबसे ज्यादा खराब, 421 पहुंचा एक्यूआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर की हवा सबसे ज्यादा खराब, 421 पहुंचा एक्यूआई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 28 Oct 2018 11:07 AM IST
सार
- डार्क रेड जोन में पहुंचा जिले का एक्यूआई, पहुंचा 409
- गैस चैंबर बनने की दिशा तेजी से आगे बढ़ रहा एनसीआर
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों में वायु की गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में दिवाली और पराली जलाने की वजह से स्थिति और खराब होने की चेतावनी दी है। गाजियाबाद एनसीआर में पहले और देश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 409 रहा।
वहीं सबसे प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर कानपुर रहा, यहां एक्यूआई 421 मापा गया। लखनऊ (358), आगरा (301), बागपत (380) की स्थिति भी अच्छी नहीं रही। राजस्थान के भिवाड़ी में एक्यूआई 330 दर्ज किया गया। पिछले दिनों यहां की वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई थी। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर गैस चैंबर बनने की दिशा में बढ़ चुका है। दिल्ली में शनिवार को एक्यूआई 350 दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों की मानें तो यह स्थिति खतरनाक है। पीएम 2.5 (हवा में धूल के महीन कण) का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। पीएम 10 से यह अधिक नुकसानदेह होता है।
विज्ञापन
वहीं सबसे प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर कानपुर रहा, यहां एक्यूआई 421 मापा गया। लखनऊ (358), आगरा (301), बागपत (380) की स्थिति भी अच्छी नहीं रही। राजस्थान के भिवाड़ी में एक्यूआई 330 दर्ज किया गया। पिछले दिनों यहां की वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई थी। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर गैस चैंबर बनने की दिशा में बढ़ चुका है। दिल्ली में शनिवार को एक्यूआई 350 दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों की मानें तो यह स्थिति खतरनाक है। पीएम 2.5 (हवा में धूल के महीन कण) का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। पीएम 10 से यह अधिक नुकसानदेह होता है।
विज्ञापन