Kanpur: 729 करोड़ रुपये से अमृत भारत स्टेशन की तर्ज पर विकसित होगा सेंट्रल स्टेशन
रेल मंत्री ने डीएफसी (डेडिकेटेट फ्रेट कॉरिडोर) का काम भी दो माह में पूरा करने को कहा है। इसके लिए बजट पहले ही जारी हो चुका है। डीएफसी के बनने से दिल्ली-हावड़ा रूट पर कानपुर सेंट्रल होकर चल रहीं मालगाड़ियां पूरी तरह से स्थानांतरित हो जाएंगी।
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कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के तहत विकसित करने का काम अब तेजी पकड़ेगा। इसके लिए 729 करोड़ रुपये का बजट इस साल जारी हो सकता है। दरअसल, वित्तमंत्री ने रेलवे का बजट एक लाख 40 करोड़ से बढ़ाकर दो लाख 41 करोड़ कर दिया है। बजट के बाद रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कॉन्फ्रेंस कर कानपुर स्टेशन का नाम भी लिया। इससे बजट मिलने की संभावनाओं को और बल मिल गया है।
इसके अलावा उन्होंने कानपुर से एक और वंदे भारत एक्सप्रेस समेत 12 नई ट्रेनें चलाने की बात कही है। कानपुर के हिस्से में आईं रेल योजनाएं और चल रही योजनाओं में जारी होने वाले बजट की जानकारी इसी सप्ताह जारी होने वाली पिंक बुक से होगी।
अमृत भारत स्टेशन के लिए जारी बजट के तहत कानपुर सेंट्रल के अलावा गोविंदपुरी और पनकीधाम रेलवे स्टेशन को उपनगरीय स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। कानपुर सेंट्रल स्टेशन का लोड कम करने के लिए गोविंदपुरी स्टेशन से होकर ट्रेनें चलेंगी। राजधानी एक्सप्रेस समेत लंबी दूरी की दूसरी ट्रेनों को गोविंदपुरी से जीएमसी होते हुए चंदारी रूट पर चलाया जाएगा। ये ट्रेनें कानपुर सेंट्रल से हटेंगी। पनकी में बढ़ी आबादी की वजह से पनकीधाम रेलवे स्टेशन को सिटी स्टेशन के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जरीबचौकी से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने के साथ ही अनवरगंज स्टेशन को टर्मिनल का दर्जा मिल जाएगा। अनवगरंज-फर्रुखाबाद रेलवे मार्ग पर बरेली-मथुरा होते हुए दिल्ली और आगरा, राजस्थान, गुजरात की ट्रेनें बढ़ेंगी।
रेल मंत्री ने डीएफसी (डेडिकेटेट फ्रेट कॉरिडोर) का काम भी दो माह में पूरा करने को कहा है। इसके लिए बजट पहले ही जारी हो चुका है। डीएफसी के बनने से दिल्ली-हावड़ा रूट पर कानपुर सेंट्रल होकर चल रहीं मालगाड़ियां पूरी तरह से स्थानांतरित हो जाएंगी। न्यू खुर्जा से दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक 2024 तक सभी मालगाड़ियां डीएफसी पर होंगी। दिल्ली से प्रयागराज के प्रतापपुर तक दो महीने में सभी मालगाड़ियां स्थानांतरित हो जाएंगी। मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के लिए बजट जारी किया गया है। इससे दिल्ली से हावड़ा रूट के अलावा कानपुर से लखनऊ के 80 किमी के सेक्शन पर काम तेज होगा। यहां ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इससे करीब साढ़े तीन घंटे में कानपुर से दिल्ली और पौन घंटे में कानपुर से लखनऊ यात्री आ जा सकेंगे। सबसे पहले वंदेभारत एक्सप्रेस की स्पीड 130 से 160 किमी प्रति घंटा कर दी जाएगी।
रायबरेली में बनेगी वंदेभारत, सेंट्रल से होगी कनेक्टिविटी
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रायबरेली के लालगंज स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (मॉडर्न कोच फैक्ट्री) में वंदे भारत एक्सप्रेस के निर्माण का एलान किया है। कानपुर सेंट्रल से एमसीएफ की कनेक्टिविटी होगी। ट्रेन के रेक को सेंट्रल स्टेशन से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा। दिल्ली के लिए कानपुर सेंट्रल से कोच फैक्ट्री के लिए सीधी रेल लाइन है। ये ट्रेनें कानपुर से उन्नाव होकर बीघापुर होते हुए रायबरेली के लालगंज तक कनेक्ट होंगी। इसी रास्ते दिल्ली से अलग-अलग हिस्सों में भेजी जाएंगी। इन ट्रेनों की मरम्मत भी यहीं होगी।