Kanpur: नजूल की भूमि पर ही बनेगा CBCID का कार्यालय, विभाग ने प्रशासन से मांगी भूमि, प्रस्ताव भेजने की तैयारी
Kanpur News: कानपुर प्रशासन ने सीबीसीआईडी कार्यालय की नजूल भूमि को 24.77 करोड़ में फर्जी तरीके से बेचने वाले पट्टाधारकों पर एफआईआर दर्ज की है। जमीन दोबारा सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर ली गई है और अब सीबीसीआईडी को स्थायी कार्यालय के लिए 1500 वर्ग मीटर जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
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कानपुर में सिविल लाइंस स्थित सीबीसीआईडी कार्यालय को अब स्थायी रूप से स्थापित किया जाएगा। यह कार्यालय नजूल की भूमि पर संचालित है। विभाग ने जिला प्रशासन से 1200 से 1500 वर्ग मीटर भूमि आवंटन की मांग की है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। अब तक यह कार्यालय किराए पर चल रहा था। पट्टा अवधि समाप्त होने पर जमीन की फर्जी बिक्री का मामला सामने आया।
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दोबारा दर्ज की। ग्वालटोली स्थित इस भूमि पर करीब 42 वर्षों से सीबीसीआईडी कार्यालय है। वर्ष 2012 में इस जमीन के बड़े हिस्से (5000 वर्ग मीटर) को 24.77 करोड़ रुपये में निजी कंपनी को बेचा गया। विक्रेताओं ने नजूल होने का तथ्य छिपाकर बैनामा कराया था। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश के बाद हुई जांच में पट्टाधारकों के नाम हटाकर जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
जल्द शासन को भेजा जाएगा आवंटन प्रस्ताव
गलत तरीके से जमीन बेचने के मामले में लेखपाल ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें पट्टाधारक स्व. सीता बेरी के परिजन तरंग बेरी, अमेरिका के लास एंजिल्स निवासी नीरज बेरी, पेंसिल्वेनिया निवासी विकास बेरी, पोर्टलैंड निवासी मनका शर्मा और एसए बिल्ड हाई प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अहमद एहतेशाम को नामजद किया गया है। राजस्व विभाग अब पिछले 42 वर्षों के अवैध किराए की वसूली की तैयारी कर रहा है। एडीएम वित्त डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि आवंटन प्रस्ताव का सत्यापन कर जल्द शासन को भेजा जाएगा।