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खाकी बनाम सेना: ITBP के जवानों ने घेरा कमिश्नर दफ्तर; जवान की मां का हाथ काटने के मामले में CMO को भी उठा लाए

Sat, 23 May 2026 12:44 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 23 May 2026 12:44 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां का हाथ कटने के मामले में डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाते हुए 100 जवानों ने शनिवार सुबह पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मुलाकात के बाद जवान सीएमओ को भी ले आए।

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Kanpur Case of Soldier Mother Hand Being Severed Allegations of Doctors Being Shielded
कमिश्नर ऑफिस में खड़े आईटीबीपी जवान - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने मां निर्मला देवी के हाथ कटने के मामले में सीएमओ को कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया है। सीएमओ की स्पष्ट जांच रिपोर्ट न देने का आरोप लगा पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की। आईटीबीपी के करीब 100 जवानों ने सुबह 11:15 बजे पहुंच कर पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया।

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पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात की। आईटीबीपी की 15 से अधिक गाड़ियां और ट्रक परिसर में मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आईटीबीपी की पांच से छह गाड़ियां सीएमओ कार्यालय के लिए रवाना हुई हैं।

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डॉक्टरों की लापरवाही से मां का हाथ काटना पड़ा
आईटीबीपी के जवान का आरोप है कि कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही से उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। उन्होंने 13 मई की शाम को सांस की दिक्कत होने पर मां निर्मला देवी को नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। करीब 12 घंटे बाद 14 मई को उनकी मां के दाहिने हाथ में सूजन आ गई थी।

दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा
उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सूजन खत्म हो जाएगी। आईटीबीपी जवान विकास सिंह के मुताबिक उन्होंने साथी जवानों से बात की, तो उन्होंने मां को दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा। उन्होंने मां को 14 मई की शाम को ही पारस हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया।

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सीएमओ को जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा था
वहां के डॉक्टरों ने हाथ में संक्रमण की जानकारी दी। 17 मई को मां का हाथ काटना पड़ा। लगातार दो दिन तक रेलबाजार पुलिस, एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आईटीबीपी जवान मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय आ गए। पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा- स्पष्ट रिपोर्ट दें, संभावनाओं पर नहीं
शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय की रिपोर्ट आ गई है। सीएमओ ने संभावनाओं के आधार पर रिपोर्ट जारी की, जिस पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि स्पष्ट रिपोर्ट दें, संभावनाओं पर नहीं। स्पष्ट दोष निर्धारित कर अभियोग पंजीकृत करने की अपनी संस्तुति दें। शनिवार को इसी रिपोर्ट पर डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाकर आईटीबीपी के जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय आ गए।

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