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कानपुर: दहेज में मांगी कार, पति व सास को पांच साल कैद, फैसला सुन छलके आंसू
Tue, 19 Jan 2021 02:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 19 Jan 2021 02:56 PM IST
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कानूनी लड़ाई के बाद दहेज प्रताड़ना की शिकार महिला को मिला कोर्ट से इंसाफ
- फोटो : amar ujala
दहेज की कुरीति के खिलाफ चल रही पीड़िता की जंग आखिर अंजाम तक पहुंच गई। पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद दहेज प्रताड़ना की शिकार युवती को कोर्ट से इंसाफ मिला तो आंखें छलक उठीं। कार के लिए बहू को प्रताड़ित करने वाले पति व सास को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी।
विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष वर्मा ने दोषी पति और सास को पांच-पांच साल कैद और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। बर्रा निवासी सोनिया भाटिया का विवाह 28 जून 2012 को नई दिल्ली के रमेश नगर निवासी नरेश साधवानी के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही पति नरेश व सास रजनी दहेज में कार लाने के लिए सोनिया को प्रताड़ित करने लगे।
7 अप्रैल 2014 को घर से निकाल दिया। सोनिया कानपुर वापस आई। रिश्ता न टूटे इसलिए घरवालों ने नरेश को कानपुर बुलाया और पंचायत कर 50 हजार रुपए दिए तब नरेश 16 अप्रैल को सोनिया को वापस ले गया लेकिन कुछ दिन बाद फिर कार मांगने लगे। 26 फरवरी 2015 को दोबारा सोनिया को घर से निकाल दिया।
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नरेश को समझाने के लिए कानपुर बुलाया तो 28 फरवरी को उसने घरवालों के सामने ही सोनिया को मारापीटा। तब सोनिया ने एसएसपी के आदेश पर बर्रा थाने में नरेश व रजनी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई। सोनिया के अधिवक्ता सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति नरेश व सास रजनी को सजा सुनाई।
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विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष वर्मा ने दोषी पति और सास को पांच-पांच साल कैद और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। बर्रा निवासी सोनिया भाटिया का विवाह 28 जून 2012 को नई दिल्ली के रमेश नगर निवासी नरेश साधवानी के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही पति नरेश व सास रजनी दहेज में कार लाने के लिए सोनिया को प्रताड़ित करने लगे।
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7 अप्रैल 2014 को घर से निकाल दिया। सोनिया कानपुर वापस आई। रिश्ता न टूटे इसलिए घरवालों ने नरेश को कानपुर बुलाया और पंचायत कर 50 हजार रुपए दिए तब नरेश 16 अप्रैल को सोनिया को वापस ले गया लेकिन कुछ दिन बाद फिर कार मांगने लगे। 26 फरवरी 2015 को दोबारा सोनिया को घर से निकाल दिया।
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नरेश को समझाने के लिए कानपुर बुलाया तो 28 फरवरी को उसने घरवालों के सामने ही सोनिया को मारापीटा। तब सोनिया ने एसएसपी के आदेश पर बर्रा थाने में नरेश व रजनी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई। सोनिया के अधिवक्ता सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पति नरेश व सास रजनी को सजा सुनाई।