Kanpur: जाम में फंसी कार, मरीज की गई जान, रिटायर्ड ऑर्डिनेंस कर्मी ने तोड़ा दम
जाम में फंसकर मरीजों की मौत की घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रहीं हैं। शुक्लागंज में मरीज को लेकर कानपुर जा रही कार जाम में फंस गई। जिसके बाद मरीज ने दम तोड़ दिया।
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शुक्लागंज में राजधानी मार्ग पर दुर्गा मंदिर के पास गुरुवार को दोपहर 12 से दो बजे तक जाम लगा रहा। इसी बीच मरीज को लेकर कानपुर जा रही कार जाम में फंस गई। कार सवारों के काफी मशक्कत के बाद जाम से कार निकली, लेकिन तब तक हालत ज्यादा बिगड़ने से मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया।
मोहल्ला गायत्रीनगर निवासी राजेश कुमार शुक्ला (64) रिटायर्ड ऑर्डिनेंस कर्मी थे। पुत्र गौरव शुक्ला ने बताया कि पिता राजेश कुमार शुक्ला कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। 15 दिन पहले कानपुर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। चार दिन पहले ही वह ठीक होकर घर लौटे थे। गुरुवार को दोपहर लगभग 12:30 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस के न आने पर अपनी कार से लेकर वह राजधानी मार्ग स्थित एक नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। वहां हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। इस पर वह लोग कानपुर के लिए रवाना हो गए।
राजधानी मार्ग पर दुर्गा मंदिर के मोड़ पर जाम में उनकी कार फंस गई। काफी देर तक जूझने के बाद किसी तरह जाम से कार को निकाली, लेकिन तब तक पिता की कार में ही मौत हो चुकी थी। वहीं, राजेश कुमार शुक्ला के दमाद विवेक का कहना है कि कार जाम में न फंसती और समय पर इलाज मिल जाता तो उनके ससुर की जान बच जाती। जाम की वजह से ही मौत हुई है। पुलिस को सूचना न देने के बाबत उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर जाम खुलवाने नहीं पहुंची। ऐसे में पुलिस से क्या उम्मीद कर जानकारी देते।
उधर, एसडीएम सदर नूपुर गोयल ने बताया कि जाम से निजात के लिए सीओ सिटी को मनोहरनगर मोड़ के पास बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी वहां बैरिकेडिंग क्यों नहीं कराई गई, इस बारे में सीओ से बात करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जाम में फंसने से मौत के बारे में डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगी। मामले की जांच कराई जाएगी।