Kanpur: अपहरण के प्रयास में भाई-बहन को पांच-पांच साल कैद, पढ़ें पूरा मामला
कानपुर में कोचिंग जा रही नाबालिग को गाड़ी में खींचकर अपहरण करने की कोशिश करने वाले युवक और उसकी मददगार चचेरी बहन को अपर जिला जज षष्टम अवनीश कुमार ने पांच-पांच साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। किदवईनगर साइट नं. वन निवासी दो किशोरियां गांधी जयंती के दिन 2 अक्तूबर 2016 की दोपहर कोचिंग पढ़ने जा रही थीं तभी गीता पार्क के पास कार सवार बिधनू के तौधकपुर निवासी मुस्तकीम अहमद, उसकी चचेरी बहन मुन्नी व एक अन्य नाबालिग ने एक किशोरी को गाड़ी में खींचने की कोशिश की।
घबराकर दोनों किशोरियां एक-दूसरे का हाथ-पकड़कर भागीं और सामने एक टीवी रिपेयरिंग की दुकान में घुस गईं। शोर मचने पर कार सवार भाग निकले थे। किशोरी ने घर पर जानकारी दी तो पिता ने किदवईनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि मुन्नी किशोरी के घर पर चौकाबर्तन का काम करती थी।
किशोरी ने मुन्नी और उसके भाई मुस्तकीम को पहचान लिया था। विवेचना के दौरान तीसरे आरोपी की भी शिनाख्त हो गई थी। नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी। मुन्नी और मुस्तकीम के खिलाफ सेशन कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से पीड़िता, उसकी सहेली, पिता व दुकानदार समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मुस्तकीम और मुन्नी को किशोरी का अपहरण करने के प्रयास का दोषी मानकर सजा सुनाई।
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट योगेश कुमार ने 20 साल कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। पनकी क्षेत्र निवासी 13 वर्षीय बालिका 31 दिसंबर 2019 की दोपहर कोचिंग से लौट रही थी। तभी रोहित शुक्ला ने उसे घर के अंदर खींच लिया और दुष्कर्म किया।
चीख सुनकर पड़ोसियों ने रोहित को रंगेहाथ पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। घटना के समय माता-पिता खरीदारी करने बाजार गए थे। पिता ने रोहित के खिलाफ पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विशेष लोक अभियोजक चंद्रकांत शर्मा ने बताया कि अभियोजन की ओर से पीड़िता व उसके पिता समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने रोहित को दोषी मानकर सजा सुनाई।
दुष्कर्म की कोशिश में साढ़े पांच साल कैद
नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले 65 साल के वृद्ध को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सुरेंद्र पाल सिंह ने पांच साल छह माह कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। नजीराबाद क्षेत्र निवासी 9 साल की लड़की 15 जून 2017 की रात ठेला लगाने वाले लालमन मिश्रा के पास आम लेने गई थी। लालमन उसे घर के अंदर ले गया और दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। इसी दौरान लालमन का किरायेदार वहां आ गया और यह सब देखकर पीड़िता की मां को सूचना दी। सूचना पर पहुंची मां ने नजीराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विशेष लोक अभियोजक गंगा प्रसाद यादव व भावना गुप्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से पीड़िता व उसकी मां समेत छह गवाह कोर्ट में पेश किए गए। हालांकि किरायेदार गवाही के दौरान कोर्ट में बयान से मुकर गया था लेकिन सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने लालमन को दोषी मानकर सजा सुनाई। लालमन घटना के बाद से जेल में ही बंद है।