Kanpur: जाजमऊ पुराने गंगा पुल की बेयरिंग्स टूटीं, पुल में बढ़ा कंपन…गड्ढों पर हो रहा पैचवर्क, जल्द होगी मरम्मत
Kanpur News: हमीरपुर पुल की तरह जाजमऊ पुल की भी बरसात के बाद मरम्मत होगी। एक साथ 15-16 दिन या रुक-रुक कर मरम्मत की जाएगी। कानपुर नगर और उन्नाव जिला प्रशासन फैसला लेगा।
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कानपुर में जाजमऊ पुराने गंगा पुल की कई बेयरिंग टूट गई तो कई खराब हो गई हैं। कमजोर होते जा रहे इस पुल में कंपन बढ़ने से वाहन चलाते समय हिचकोले लगने लगे हैं। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) ने जांच कर इस पुल की जल्द मरम्मत कराने की संस्तुति की है। मानसून सीजन के बाद मरम्मत कराने की तैयारी है।
सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एनएचएआई) ने बुधवार को विशेष केमिकल (फॉसरॉक) वाले आरसीसी मिश्रण से पुल के गड्ढों पर पैचवर्क शुरू कर दिया है। शहर से लखनऊ आवागमन के लिए 1975 में जाजमऊ से उन्नाव जिले की सीमा तक गंगा पर पुल बनाया गया था। लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम से निजात दिलाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस पुल के समानांतर अप स्ट्रीम (शहर व शुक्लागंज) की तरफ 2011 में दूसरा पुल बनवाया।
मरम्मत कराने के लिए तैयारियां शुरू
तब से शहर से उन्नाव, लखनऊ की तरफ जाने वाले वाहन जाजमऊ के नवीन गंगा पुल से जाते हैं, जबकि पुराने पुल से नगर की तरफ वाहन आते हैं। हर दो साल में पुल की मरम्मत होती है। सीआरआरआई ने छह महीने पहले पुराने पुल की जांच की, जिसमें कई कमियां मिलीं। सीआरआरआई ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, एनएचएआई को जांच रिपोर्ट सौंपी। वहां से एनएचएआई को पुल की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। एनएचएआई ने मरम्मत कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पुल की मरम्मत के लिए तैयार कर रहे एस्टीमेट
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज यादव ने बताया कि सीआरआरआई की रिपोर्ट के आधार पर जाजमऊ पुराने पुल की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जिस तरह कानपुर-सागर हाईवे पर हमीरपुर जिले में यमुना पुल की बेयरिंग बदली जा रही हैं, उसी तरह जाजमऊ पुराने पुल की भी मरम्मत कराई जाएगी। इस काम में 15-16 दिन लगेंगे। वर्षा ऋतु के बाद काम कराया जाएगा।
फॉसरॉक केमिकल युक्त आरसीसी से कराया जा रहा है पैचवर्क
इस पुल पर यातायात रोककर लगातार मरम्मत कराई जाए या हर हफ्ते कुछ दिन का ब्लॉक लिया जाए, यह फैसला नगर और उन्नाव जिला और पुलिस प्रशासन लेगा। इस दौरान समानांतर पुल से वाहनों का आवागमन होता रहेगा। फिलहाल इस पुल के गड्ढे भरने के लिए फॉसरॉक केमिकल युक्त आरसीसी से पैचवर्क कराया जा रहा है। इससे पैचवर्क मजबूत होता है और भारी वाहनों के गुजरने पर भी नहीं उखड़ता।
2021 में मरम्मत के लिए 20 दिन रोका गया था ट्रैफिक
एनएचएआई के सूत्रों के अनुसार करीब एक साल पहले इस पुराने पुल की जांच कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार 50 साल से अधिक पुराने इस पुल की स्लैब की मरम्मत और कुछ बेयरिंग को बदलने की जरूरत है। इससे पहले वर्ष 2021 में इस पुल की मरम्मत कराई गई थी। तब पुल को 20 दिन के लिए बंद किया गया था और दोनों तरफ का यातायात एक ही पुल (कानपुर से लखनऊ जाने वाले) पुल से निकाला गया था।