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कानपुर: मृतक के खाते में आ रही पेंशन बैंक ने विभाग को लौटाई, एक ही व्यक्ति के लगाए गए तीन मृत्यु प्रमाणपत्र
Mon, 08 Feb 2021 09:17 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 08 Feb 2021 09:17 AM IST
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पेंशन
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कानपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ग्वालटोली शाखा में मृतक के तीन अलग-अलग मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर रुपये निकालने के मामले में बैंक ने पेंशन की रकम करीब 44 हजार रुपये जिला समाज कल्याण विभाग को लौटा दिए हैं। इस संबंध में विभाग की ओर से बैंक को पत्र भेजा गया था।
जांच में यह भी आया है कि पेंशनधारक की मौत 2011 में हो गई थी। पेंशन की लालच में दो और प्रमाण पत्र बनवाए गए। बैंक शाखा में 14/4 मकरावटगंज कर्नलगंज निवासी मोहम्मद हलीम का खाता 2001 में खुला था। 2011 से इस खाते में पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पेंशन के तौर पर हर महीने 1500 रुपये आते थे।
28 दिसंबर 2020 तक पेंशन आई, जबकि खाते से रुपये नहीं निकाले जा रहे थे। इसके चलते बैंक ने इसे इनऑपरेटिव सूची में डाल दिया था। 25 जनवरी को अर्शी खान नाम की लड़की एक महिला के साथ बैंक पहुंची और बताया कि उसके पिता मोहम्मद हलीम की मौत हो गई है। उनके खाते का भुगतान करा दिया जाए। उसने 23 जुलाई 2011, 20 अगस्त 2017 और 20 मार्च 2018 को नगर निगम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र दे डाले।
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इसके बाद मामला समाज कल्याण विभाग पहुंचा। बैंक प्रबंधक परिचालन रोहित कांत मिश्रा ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह की ओर से पत्र आया था। इसमें खाते में जमा रकम विभाग के खाते में भेजने को कहा गया था। शनिवार को 44 हजार से अधिक रुपये विभाग को लौटा दिए गए हैं।
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जांच में यह भी आया है कि पेंशनधारक की मौत 2011 में हो गई थी। पेंशन की लालच में दो और प्रमाण पत्र बनवाए गए। बैंक शाखा में 14/4 मकरावटगंज कर्नलगंज निवासी मोहम्मद हलीम का खाता 2001 में खुला था। 2011 से इस खाते में पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पेंशन के तौर पर हर महीने 1500 रुपये आते थे।
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28 दिसंबर 2020 तक पेंशन आई, जबकि खाते से रुपये नहीं निकाले जा रहे थे। इसके चलते बैंक ने इसे इनऑपरेटिव सूची में डाल दिया था। 25 जनवरी को अर्शी खान नाम की लड़की एक महिला के साथ बैंक पहुंची और बताया कि उसके पिता मोहम्मद हलीम की मौत हो गई है। उनके खाते का भुगतान करा दिया जाए। उसने 23 जुलाई 2011, 20 अगस्त 2017 और 20 मार्च 2018 को नगर निगम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र दे डाले।
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इसके बाद मामला समाज कल्याण विभाग पहुंचा। बैंक प्रबंधक परिचालन रोहित कांत मिश्रा ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह की ओर से पत्र आया था। इसमें खाते में जमा रकम विभाग के खाते में भेजने को कहा गया था। शनिवार को 44 हजार से अधिक रुपये विभाग को लौटा दिए गए हैं।