Kanpur: चार साल से पहले किया आवेदन, PNG का नहीं दिया आज तक कनेक्शन, घर बैठे कनेक्शन लेने की ये है प्रक्रिया
Kanpur News: कानपुर में हजारों लोग वर्षों से पीएनजी कनेक्शन के लिए सीयूजीएल के चक्कर काट रहे हैं, जबकि पाइपलाइन उनके घर के पास मौजूद है। कंपनी ने देरी का कारण सिक्योरिटी मनी जमा न होना बताया है।
विस्तार
केस वन: 100 से अधिक ने किया आवेदन
शास्त्रीनगर में पाइप लाइन पांच साल से बिछी है लेकिन श्रमिक काॅलोनी के ब्लाॅक 180 से 185 के एक भी घर के पास पाइप लाइन नहीं बिछी। यहां के वर्ष 2018 से लेकर अब तक 100 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। इसके बाद भी सीयूजीएल ने अभी तक घरों तक पाइप लाइन नहीं बिछाई। कई बार मोहल्ले के लोगों ने कंपनी के अधिकारियों के संपर्क किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केस दो: चार साल पहले पाइप लाइन बिछी, कनेक्शन नहीं
यशोदानगर में पीएनजी की पाइप लाइन चार वर्ष पहले बिछी थी लेकिन यशोदानगर से श्री राम चौक के पास तक पाइप लाइन नहीं बिछी है। यहां के करीब 20 से अधिक लोगों ने वर्ष 2022 से आवेदन कर रखा है इसके बाद भी पाइप लाइन घरों में नहीं पहुंची। कई बार सीयूजीएल के अधिकारियों से संपर्क किया लिया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
कानपुर में एक तरफ सरकार एलपीजी संकट के बीच लोगों को पीएनजी अपनाने की सलाह दे रही है, दूसरी तरफ सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) की लापरवाही से हजारों लोग वर्षों से कनेक्शन के लिए भटक रहे हैं। हालात यह हैं कि गली के बाहर पाइप लाइन बिछी है, लेकिन घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंचा। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि तीन से चार साल पहले आवेदन करने वाले लोग आज भी इंतजार में हैं, जबकि आसपास के मोहल्लों में गैस सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध से एलपीजी से लेकर डीजल-पेट्रोल और पीएनजी सप्लाई पर भी संकट मंडराने लगा है। सीयूजीएल कंपनी ने शहर के 100 से अधिक मोहल्लों के करीब 1.30 लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन दे रखे हैं, जिसमें करीब 50 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन पीएनजी की खपत होती है। एलपीजी संकट बढ़ते ही सरकार ने लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील की है।
अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई सही जवाब नहीं मिला
दूसरी तरफ हजारों लोगों ने पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए सीयूजीएल में आवेदन कर रखा है लेकिन आज तक कंपनी ने उनके घर तक पाइप लाइन बिछाई जब कि उनके गली या मोहल्ले से तीन सौ या चार मीटर दूरी पर पाइप लाइन बिछी है। लोगों ने कई बार सीयूजीएल के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई सही जवाब नहीं मिला। अब एलपीजी संकट बढ़ा, तो फिर से कनेक्शन होने का प्रयास करने लगे हैं।
जिन लोगों ने आवेदन करके छोड़ दिया होगा सिर्फ उन्हीं घरों में कनेक्शन नहीं मिला होगा। जो लोग सिक्योरिटी मनी जमा कर देते हैं वहां हम तुंरत कनेक्शन देते हैं। अगर किसी कारण से कनेक्शन नहीं हो पाया है तो लोग सिक्योरिटी मनी जमा करने वाली स्लिप लेकर आएं हम उन्हें तुंरत कनेक्शन देंगे। -मुही खान, सीयूजीएल प्रबंधक
घर बैठे लें पीएनजी कनेक्शन, जानें क्या है प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग और खत्म होने के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान के सिद्धांत पर आधारित यह सेवा न केवल सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। अगर आप भी अपने घर में पीएनजी कनेक्शन लगवाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बेहद सरल है।
क्यों खास है पीएनजी?
- निरंतर आपूर्ति: पाइपलाइन के जरिए गैस सीधे चूल्हे तक पहुंचती है, सिलिंडर बदलने की जरूरत नहीं।
- सुरक्षित और स्वच्छ: हवा से हल्की होने के कारण यह एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित मानी जाती है।
- किफायती: इसमें कोई फिक्स चार्ज नहीं होता, आप जितनी गैस खर्च करेंगे, बिल उतना ही आएगा।
- जगह की बचत: रसोई में भारी-भरकम सिलिंडर रखने की झंझट खत्म हो जाती है।
कनेक्शन के लिए पात्रता और जांच
आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके क्षेत्र में सीयूजीएल की पाइपलाइन बिछी हुई है। इसकी जानकारी आप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ले सकते हैं। इसके अलावा, नजदीकी कस्टमर केयर सेंटर पर जाकर पता कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
जब आपके क्षेत्र में उपलब्धता की पुष्टि हो जाए, तो आप ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी।
- पते का प्रमाण: बिजली का बिल या राशन कार्ड।
- स्वामित्व प्रमाण: घर के मालिकाना हक के कागज या किरायानामा (Rent Agreement)
- फोटो: पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
नोट: वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन के लिए ₹5,000 की जमानत राशि (Security Deposit) जमा करनी होती है, जो रिफंडेबल (वापसी योग्य) होती है।
कैसे होगा इंस्टालेशन?
बता दें कि आवेदन स्वीकृत होने के बाद तकनीकी टीम आपके घर का निरीक्षण करेगी। पाइपलाइन बिछाने और गैस मीटर लगाने का कार्य किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की जांच के बाद गैस आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। आमतौर पर आवेदन से लेकर गैस चालू होने तक 2 से 4 सप्ताह का समय लगता है।