कानपुर: अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले एक और इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
अमेरिकी नागरिकों ठगने वाले एक और इंटरनेशनल कॉल सेंटर का कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने भांडाफोड़ किया है। शातिर लोन देने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से पैसे वसूल लिया करते थे।
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पुलिस ने उनके पास से मिले लैपटॉप व हार्ड डिस्क से करीब दो लाख अमेरिकी नागरिकों का पर्सनल डाटा बरामद किया है। विदेशी नागरिकों को चूना लगाने वाले गैंग के नोएडा में बैठे मास्टर माइंड व अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। शातिर 45 अमेरिका नागरिकों से करीब 70 लाख रुपये ठग चुके थे।
वीओआईपी कॉल और ऐप की मदद से विदेशियों को लगा रहे थे चूना
एडीसीपी क्राइम दीपक भूकर ने बताया कि नौबस्ता हंसपुरम निवासी विशाल सिंह सेंगर और यहीं के रहने वाले रवि शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। नौबस्ता में विशाल मामा के घर पर कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। अमेरिकी नागरिकों को चूना लगाने के लिए शातिर वीओआईपी (वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) का इस्तेमाल कर रहे थे।
फर्राटे से बोलते हैं अमेरिकन इंग्लिश
दोनों ठग नोएडा के कई कॉल सेंटरों में नौकरी कर चुके हैं। अमेरिकन इंग्लिश बोलने में माहिर हैं। कम दर लोन दिलाने का झांसा देकर पहले 200 डॉलर प्रॉसेसिंग फीस वसूली करते थे। इसके बाद लोगों को अमेरिकन कंपनियों के नाम पर तैयार फार्म भेज देते थे। जब लोग विश्वास में आ जाते तब इनसे लोन की चार पांच किस्तें एक साथ जमा करने पर ईएमआई पर जीरो ब्याज का लालच देकर 500-600 डॉलर एक साथ जमा करा लेते थे।
पूर्व में काकादेव में मोहिंद्र व उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद हंसपुरम में चलने वाले इस इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पता चला था। सेंटर पर गिरफ्तार अभियुक्तों के अलावा तीन और लोगों को 10 से 12 हजार की नौकरी पर रखा गया था। उनका इस गोरखधंधे में कोई रोल न होने पर उन्हें छोड़ा गया है। सरगना व अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
दीपक भूकर, एडीसीपी, क्राइम