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कानपुर: पशुआहार बनाने वाली कंपनी ने चिटफंड कंपनी में लगाए करोड़ो रुपये, फिर लिए वापस

Sun, 22 Nov 2020 12:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 22 Nov 2020 12:01 PM IST
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Kanpur: Animal Husbandry Company invested crores of rupees in chit fund company, then withdrew
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
कानपुर में पशुआहार बनाने वाली कंपनी ने मुखौटा कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये काले धन को सफेद किया। कंपनी का एक निदेशक टैक्सी चालक दिखाया गया। इसके अलग-अलग 11 खातों के जरिये 50 करोड़ से अधिक का लेन-देन किया गया। कंपनी ने इस रुपये को चिटफंड कंपनी में लगाया और फिर लोन के जरिये वापस ले लिया।
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पशुआहार कंपनी और आरती चिटफंड के यहां आयकर की जांच-पड़ताल में यह खुलासा हुआ है। यह भी पता चला है कि चिटफंड नियमों का भी उल्लंधन किया गया है। अब विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है। पशुआहार कंपनी के यहां आयकर छापे में 121 करोड़ रुपये के काला धन, 52 लाख के आभूषण और एक करोड़ 30 लाख की नगदी मिलने की पुष्टि  केंद्रीय प्रत्यक्षकर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को की थी।
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प्रधान आयकर निदेशक जांच कानपुर के निर्देश पर  बुधवार को पशुआहार कंपनी के अलावा आरती चिटफंड के 30 प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने छापा मारा था। यूपी, दिल्ली और पंजाब स्थित घर,कार्यालयों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी। कंपनी का सालाना टर्न ओवर एक हजार करोड़ होने के दस्तावेज मिले थे।

सूत्रों ने बताया कि अपने काले धनको खपाने के लिए मुखौटा कंपनियों का सहारा लिया है। दिल्ली और कोलकाता में इन कंपनियों को दिखाया गया। बताया गया कि इन मुखौटा कंपनी में एक निदेशक टैक्सी चालक बताया जा रहा है। इसके खाते से सबसे अधिक लेन-देन किया गया।

इन खातों में आए रुपयों का इस्तेमाल पशुआहार बनाने वाली कंपनी के लोगों के आवास निर्माण में किया गया। करीब दो दर्जन संपत्तियां होने के दस्तावेज आयकर विभाग को मिले थे। इसी के आधार पर की गई जांच में मामला खुलता चला गया। अब तक एक दर्जन से अधिक मुखौटा कंपनियों की जानकारी विभाग को लगी है। सूत्रों ने बताया कि जिस चिटफंड कंपनी में रुपये लगाए गए वापस लाए गए हैं। इसकी अलग से जांच की जा रही है।
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