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Unlock 1.0: ढाई महीने बाद कचहरी खुली तो तारीख जानने उमड़े वादकारी, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिला प्रवेश

Tue, 09 Jun 2020 01:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 09 Jun 2020 01:35 AM IST
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Kanpur : After two and a half months, the court opened
कचहरी में हुई थर्मल स्क्रीनिंग - फोटो : amar ujala
कानपुर में लगभग ढाई माह बाद कचहरी खुलने का पता चलते ही मुकदमों की तारीखें जानने के लिए वादकारियों का ऐसा रेला कचहरी में उमड़ा कि सोशल डिस्टेंसिंग धरी की धरी रह गई। परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने पर भी कुछ अदालतों व कार्यालयों में अधिवक्ताओं और वादकारियों की काफी भीड़ रही।
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पहले दिन न्यायालयों में ज्यादातर जमानत, अग्रिम जमानत, नए दाखिले से संबंधित मुकदमों की ही सुनवाई हुई। बाकी में सामान्य तारीखें ही दी गईं। सोमवार को न्यायालय परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्य द्वार से प्रवेश दिया गया।
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अधिवक्ताओं और वादकारियों को शताब्दी द्वार के सामने से प्रवेश दिया गया। हनुमान मंदिर और तोप वाले गेट से न्यायालय परिसर आने के दोनों पिछले रास्ते बंद रखे गए। कार्यालयों के दरवाजे पर रस्सी बांधी गई थी।
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Kanpur : After two and a half months, the court opened
कचहरी पहुंची भीड़ - फोटो : amar ujala
जून के अवकाश के चलते सिविल अदालतों में कामकाज बंद था जबकि फौजदारी अदालतों में विशेष मामलों व नए दाखिलों पर सुनवाई हुई। सुबह 11 से 12:30 बजे के बीच आलम यह था कि शताब्दी द्वार के सामने न्यायालय परिसर के बाहर लगी सूची में मुकदमों की सामान्य तारीखें देखने के लिए वादकारियों की भीड़ इकट्ठा थी।

सैनेटाइजर डाला तो धुल गई प्रिंटिंग
अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय के कर्मचारी सुरक्षा व सतर्कता के नाम पर प्रार्थना पत्र छूने में गुरेज कर रहे हैं। एक अधिवक्ता ने बताया कि उनके प्रार्थना पत्र पर ऐसे सैनिटाइजर डाला गया कि कागज पर छपे शब्दों की स्याही ही फैल गई। इस पर उनकी नोकझोंक भी हुई।

शासकीय अधिवक्ता परेशान
न्यायालयों में नियुक्त शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के दौरान कई अधिवक्ता आकर घेर लेते हैं। कई बार निवेदन के बाद भी कोई सोशल डिस्टेंसिंग की बात मानने को तैयार नहीं होते।  

 

अधिवक्ताओं ने जताया विरोध
शताब्दी द्वार के सामने स्थित न्यायालय परिसर के बाहर बैठे कुछ अधिवक्ताओं ने हाथों पर तख्तियां लेकर बगैर साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन के कचहरी खोलने का विरोध किया। बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नरेश चंद्र त्रिपाठी ने प्रभारी जिला जज को ज्ञापन भी दिया। इस दौरान नरेश मिश्रा, विप्लव त्रिपाठी, सोमेंद्र शर्मा, प्राची श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।

बार कौंसिल के कार्यकारी चेयरमैन का स्वागत
सोमवार को बार एसोसिएशन पहुंचे उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के कार्यकारी चेयरमैन देवेंद्र मिश्रा का स्वागत पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर किया। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अधिवक्ताओं को होने वाली परेशानियों पर विचार-विमर्श भी किया। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामजी श्रीवास्तव, महामंत्री कपिलदीप सचान, कोषाध्यक्ष अश्वनी आनंद, ऋषभ अवस्थी, शिवकुमार पांडे, आदि मौजूद रहे।
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