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Kanpur: फर्जी मुकदमे दर्ज करने के खिलाफ अधिवक्ताओं ने दिया धरना, डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
Tue, 28 Oct 2025 11:05 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 28 Oct 2025 11:05 PM IST
सार
पांच घंटे चले धरने के बाद अधिवक्ताओं ने डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं पर एफआईआर की एसआईटी से जांच कराने की मांग की।
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कचहरी में धरना प्रदर्शन करते अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस की ओर से अधिवक्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई किए जाने के विरोध में लॉयर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को न्यायालय भवन के बाहर धरना दिया। लगभग पांच घंटे चले धरने के बाद डीएम कार्यालय पहुंचकर डीएम के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन सौंपा।
लॉयर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ता मंगलवार सुबह न्यायालय भवन के मुख्य द्वार को बंद कराकर मेज-कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए। अध्यक्षता लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा और संचालन महामंत्री राजीव यादव ने किया। सुबह 11 बजे शुरू हुआ धरना दोपहर बाद चार बजे खत्म हुआ। इसके बाद डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने, पिछले छह महीने में वकीलों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की हाईकोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में गठित एसआईटी से जांच कराने, उच्च स्तरीय आयोग का गठन करके पुलिस कमिश्नरी में तैनात वरिष्ठ अफसरों की अधिवक्ताओं के मामलों में भूमिका की जांच कराए जाने और अधिवक्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में रमाकांत मिश्रा, राकेश प्रसाद साहू, नरेश चंद्र त्रिपाठी, आदित्य सिंह, कपिलदीप सचान, भानु प्रताप सिंह, यशू शुक्ला, अनूप शुक्ला, अनूप द्विवेदी, पं. रवींद्र शर्मा, सुरेंद्र वाजपेई, गणेश दीक्षित, प्राणनाथ मिश्रा आदि रहे।
मुकदमों की सुनवाई पर पड़ा असर
धरने के चलते लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से अदालतों में विपरीत आदेश पारित न किए जाने संबंधी एकमोडेशन पत्र भेजा गया था जिसके चलते कई मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई। हालांकि बार एसोसिएशन का समर्थन न मिलने से अधिवक्ताओं में किसी बड़े आंदोलन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। न्यायालय भवन का मुख्य द्वार बंद होने से वादकारियों को घूमकर दूसरे दरवाजों से कोर्ट पहुंचना पड़ा।
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बाहर का समर्थन, अपनों ने बनाई दूरी
लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित धरने में कानपुर देहात, आगरा, बाराबंकी, देवरिया, लखीमपुर समेत कई जिलों से अधिवक्ता समर्थन देने पहुंचे थे लेकिन बार एसोसिएशन ने धरने से किनारा कर लिया था। धरने की सूचना मिलने पर सोमवार को ही बार के पदाधिकारी अलग से पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंच गए थे। यूपी बार कौंसिल के चुनाव की घोषणा भी हो गई है जिस पर कई जिलों के प्रत्याशी समर्थन में कानपुर पहुंच गए लेकिन बार एसोसिएशन के दूरी बनाने से दिनभर इसकी चर्चा होती रही।
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लॉयर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ता मंगलवार सुबह न्यायालय भवन के मुख्य द्वार को बंद कराकर मेज-कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए। अध्यक्षता लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा और संचालन महामंत्री राजीव यादव ने किया। सुबह 11 बजे शुरू हुआ धरना दोपहर बाद चार बजे खत्म हुआ। इसके बाद डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने, पिछले छह महीने में वकीलों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की हाईकोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में गठित एसआईटी से जांच कराने, उच्च स्तरीय आयोग का गठन करके पुलिस कमिश्नरी में तैनात वरिष्ठ अफसरों की अधिवक्ताओं के मामलों में भूमिका की जांच कराए जाने और अधिवक्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में रमाकांत मिश्रा, राकेश प्रसाद साहू, नरेश चंद्र त्रिपाठी, आदित्य सिंह, कपिलदीप सचान, भानु प्रताप सिंह, यशू शुक्ला, अनूप शुक्ला, अनूप द्विवेदी, पं. रवींद्र शर्मा, सुरेंद्र वाजपेई, गणेश दीक्षित, प्राणनाथ मिश्रा आदि रहे।
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मुकदमों की सुनवाई पर पड़ा असर
धरने के चलते लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से अदालतों में विपरीत आदेश पारित न किए जाने संबंधी एकमोडेशन पत्र भेजा गया था जिसके चलते कई मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई। हालांकि बार एसोसिएशन का समर्थन न मिलने से अधिवक्ताओं में किसी बड़े आंदोलन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। न्यायालय भवन का मुख्य द्वार बंद होने से वादकारियों को घूमकर दूसरे दरवाजों से कोर्ट पहुंचना पड़ा।
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बाहर का समर्थन, अपनों ने बनाई दूरी
लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित धरने में कानपुर देहात, आगरा, बाराबंकी, देवरिया, लखीमपुर समेत कई जिलों से अधिवक्ता समर्थन देने पहुंचे थे लेकिन बार एसोसिएशन ने धरने से किनारा कर लिया था। धरने की सूचना मिलने पर सोमवार को ही बार के पदाधिकारी अलग से पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंच गए थे। यूपी बार कौंसिल के चुनाव की घोषणा भी हो गई है जिस पर कई जिलों के प्रत्याशी समर्थन में कानपुर पहुंच गए लेकिन बार एसोसिएशन के दूरी बनाने से दिनभर इसकी चर्चा होती रही।