{"_id":"61f7dfdb66ef25751d42f09f","slug":"kanpur-advisory-issued-to-protect-gram-crop-from-pod-borer-pest","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: चने की फसल को फली छेदक कीट से बचाने की एडवाइजरी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: चने की फसल को फली छेदक कीट से बचाने की एडवाइजरी जारी
Mon, 31 Jan 2022 06:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 31 Jan 2022 06:40 PM IST
सार
यदि फली छेदक कीट पर समय पर नियंत्रण नहीं किया जाता है तो पैदावार में लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक का नुकसान हो जाता है। कीट फली लगने पर उनमें छेद कर दानों को खोखला कर देता है।
विज्ञापन
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. वाईपी मलिक ने सोमवार को चने की फसल को फली छेदक कीट से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यदि फली छेदक कीट पर समय पर नियंत्रण नहीं किया जाता है तो पैदावार में लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक का नुकसान हो जाता है। कीट फली लगने पर उनमें छेद कर दानों को खोखला कर देता है।
विज्ञापन
किसान चने की फसल में 50 प्रतिशत फूल आने पर एनपीबी 250 एलई दवा की एक मिलीलीटर मात्रा को पानी में घोलकर छिड़काव कर दें। 15 दिन बाद प्रति हेक्टेयर में बीटी दवा का छिड़काव करें या 50 प्रतिशत फूल आने पर 700 मिलीलीटर नीम के तेल का घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से छिड़काव कर दें।
विज्ञापन