Kanpur Adoption Case: धोखाधड़ी के आरोपों की नहीं हुई पुष्टि, अब दस्तावेजों के आधार पर होगी जांच
Kanpur Crime: नवाबगंज थाना क्षेत्र में नवजात बच्ची का गोदनामा कराने के मामले में धोखाधड़ी करके बच्ची गोद लेने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में उप निबंधक प्रथम कार्यालय से मांगे गए दस्तावेज के आधार पर जांच होगी।
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कानपुर के नवाबगंज में पांच माह की विजेता के गोदनामे के मामले में पुलिस की शुरूआती जांच में धोखाधड़ी करके बच्ची गोद लेने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। अब गोद लेने की प्रक्रिया और अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आजादनगर निवासी सिक्योरिटी गार्ड मुन्नालाल शुक्ला की पत्नी सुनीता ने 17 दिसंबर 2022 को एक बेटी को जन्म दिया था। आरोप है कि सुनीता से उजियारा निवासी कोटेदार राजेंद्र त्रिवेदी की बेटी वर्षा ने उनके साथ धोखाधड़ी करके उनकी बच्ची का गोदनामा अपने नाम करा लिया था।
इसके बाद बच्ची का अपहरण करके उसे साथ ले गईं। सुनीता ने कोर्ट के आदेश पर नवाबगंज थाने में वर्षा, उनके पति मनीष समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रकरण की जांच एसीपी कर्नलगंज अकमल खां कर रहे हैं। जांच में धोखाधड़ी करके बच्ची गोद लेने के आरोप गलत पाए गए हैं।
दस्तावेजों के आधार पर होगी जांच
विवेचक ने उप निबंधक प्रथम कार्यालय से दस्तावेज मांगे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। नवाबगंज थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी करके गोद लेने के आरोप झूठे हैं। आडियो और मोहल्ले वालों के बयानों से साफ है कि बच्ची को बेचने के लिए उसके माता-पिता ने पहले भी कई लोगों से संपर्क किया था।
चार दिनों में मुकदमे का निस्तारण
उपनिबंधक कार्यालय से गोदनामा की प्रक्रिया की जा सकती है या नहीं यह पता किया जा रहा है। यदि दो पक्ष आपसी सहमति से बच्चा गोद लें और दे रहे हैं तो जिलाधिकारी की अनुमति की आवश्यकता होती है या नहीं इसकी भी जानकारी की जा रही है। उन्होंने दस्तावेज मिलने के बाद चार दिनों में मुकदमे का निस्तारण होने की बात कही।