‘ममता जीत गई': कंटेनर ने 10 मीटर घसीटा, बच्ची को सीने से लगाए रही मां; बिलखते सुमित बोले- अब जीकर क्या करेंगे
Kanpur Panki Road Accident News: पनकी न्यू ट्रांसपोर्टनगर में दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में मां और आठ महीने की मासूम बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। अंतिम वक्त में भी मां ने अपनी बच्ची को कसकर सीने से लगाए रखा था। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कार्रवाई व मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे पर चार घंटे तक जाम लगाकर जोरदार हंगामा किया।
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मां की ममता को दुनिया का सबसे पवित्र, निर्मल और निस्वार्थ प्रेम कहा गया है। इसकी बानगी पनकी में हुए सड़क हादसे में भी दिखी। संजना अपनी आठ माह की बच्ची को सीने से लगा कर बाइक पर बैठी थी। कंटेनर की टक्कर के बाद उछलकर सड़क पर जा गिरी। हालांकि, उसने अपनी बेटी को नहीं छोड़ा। अंतिम वक्त में भी मां मासूम को अपने सीने से लिपटाए रही। घटना के बाद जिसने भी इस मंजर को देखा उसके आंसू निकल पड़े।
बेहाल सुमित बोले- अब जीके क्या करेंगे
जब काम से घर लौटता तो बेटी की किलकारी से सारी थकान दूर हो जाती थी। शादी के दो साल कब निकल गए पता ही नहीं चला। नहीं पता था अचानक पूरा संसार छिन जाएगा। ये शब्द हैं..पत्नी और बच्ची को हादसे में गंवाने वाले सुमित के। जो घटना के बाद बदहवास हो गए। बोले, भगवान जब मेरी दुनिया ही उजाड़ दी तो मुझे क्यों बचाया। अब जीकर क्या करेंगे।
पुलिस से बचने के लिए रांग साइड चलते वाहन
सचेंडी-नौबस्ता हाईवे पर भौंती से पहले नगर निगम के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के पास स्थित अंडर पास के पास पुलिस कर्मी चेकिंग करते हैं। आरोप है कि ट्रक, डंपर और कंटेनरों को रोक कर वसूली की जाती है। इसी के चलते चालक सर्विस लेन के दाहिने छोर पर नहीं बल्कि बाएं छोर पर चलते हैं। यही हादसे का बड़ा कारण रहा। सुमित सर्विस लेन के किनारे चल रहा था, हालांकि कंटेेनर बाएं साइड से आया और टक्कर मार दी।
ऐसे हुआ था हादसा
पनकी न्यू ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार को बाइक से पति सुमित कुमार राठौड़ के साथ जा रही पत्नी संजना (25) और उनकी आठ माह की बच्ची को कंटेनर रौंदते हुए 10 मीटर तक घसीटता ले गया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सुमित सड़क के दूसरी छोर पर गिरने से मामूली रूप से घायल हुए। दंपती बच्ची को दिखाने नौबस्ता स्थित क्लीनिक जा रहा था।
छह किलोमीटर तक लंबा जाम लगा
सूचना पर पहुंचे गुस्साए परिजन ने कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया। चार घंटे तक चले हंगामे के दौरान नौबस्ता-भौंती हाईवे पर करीब छह किलोमीटर तक लंबा जाम लगा। पुलिस ने कार्रवाई और मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। सचेंडी के जुगराजपुर निवासी सुमित की दो वर्ष पूर्व कानपुर देहात के रुरवाहार निवासी संजना (25) से शादी हुई थी।
नौबस्ता में डॉक्टर से चल रहा था इलाज
उनको आठ माह पूर्व एक बेटी हुई जिसका नाम अनन्या रखा था। सुमित के पिता शिवप्रताप ने बताया कि बच्ची को स्किन एलर्जी थी। इलाज नौबस्ता में डॉक्टर से चल रहा था। शनिवार को हादसे के वक्त तीनों वहीं जा रहे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे हाईवे की सर्विस लेन पर पहुंचे। तभी पीछे से आए एक कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे बाइक अनियंत्रित हो गई। संजना और उनकी गोद में मौजूद अनन्या सड़क पर गिर गए।
10 मीटर तक घसीटता ले गया डंपर
भगाने के चक्कर में डंपर ने मां-बेटी को कुचल दिया और 10 मीटर तक घसीटता ले गया। दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद बदहवास हालत में सुमित ने फोन से अपने बड़े भाई गोविंद को दुर्घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में परिजन और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हंगामे की सूचना पर सचेंडी और पनकी थाने का फोर्स पहुंचा। करीब दो घंटे तक किसी बड़े अधिकारी के न पहुंचने पर परिजन ने हाईवे की सर्विस लेन ब्लॉक कर दी।
सामने से भाग निकला परिचालक
घायल सुमित के मुताबिक पनकी क्षेत्र में स्थित ट्रांसपोर्टर अरोरा ट्रांसपोर्ट का कंटेनर है। आरोप है कि हादसे के बाद परिचालक पुलिस के सामने ही भाग निकला। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि पिता की तहरीर पर रिपोर्ट लिखकर चालक को हिरासत में लिया गया है।