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कानपुर: नीलामी में 20.13 लाख रुपये में बिकीं 61 भैंसें, नगर निगम को नीलामी से 52.39 लाख की आय
Sun, 08 Nov 2020 12:06 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 08 Nov 2020 12:06 PM IST
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नगर निगम ने जप्त की हुई भैसों की नीलामी की
- फोटो : amar ujala
कानपुर नगर निगम मुख्यालय में शनिवार को भैसों की बोली (नीलामी) लगी। चट्टे वाले भी पहुंचे, ये नीलामी में भैंस खरीदने वालों से अपनी भैंस खरीदना चाहते थे। हालांकि बोली इतनी ज्यादा लगा कि चट्टा संचालक रुपये सुनते ही लौट गए। गंगाघाट उन्नाव निवासी रामनरेश 33 हजार रुपये प्रति भैंस के हिसाब से 61 भैंसों का 20.13 लाख रुपये भुगतान कर सभी भैंस लेकर चले गए।
इससे ऊंची बोली (34 हजार रुपये प्रति भैंस) लगाने वाले रामशरण यादव ने भैंस लेने से इनकार कर दिया था। इनकी 50 हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई। नगर निगम ने जाजमऊ और ग्वालटोली में अवैध रूप से संचालित चट्टों से 61 भैंस जब्त की थीं। नगर निगम मुख्यालय में 3:00 बजे से इनकी नीलामी शुरू हुई।
मीटिंग हॉल में लगी बोली में कौशांबी के ग्राम बजहा खुर्रमपुर निवासी रामशरण यादव और सन्नी, गंगाघाट, उन्नाव निवासी रामनरेश शामिल हुए। शुरुआत 25 हजार रुपये से हुई। सबसे ज्यादा 34 हजार की बोली लगाने वाले रामशरण को 61 भैंसों के 20.74 लाख रुपये जमा करने के लिए एक घंटे की मोहलत दी गई।
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उनके मना करने पर दूसरे स्थान पर रहे रामनरेश ने शाम छह बजे रकम जमा कर दी। उन्हें कान्हा गोशाला से भैंसें ले जाने की रसीद दी गई। नीलामी में कैटल कैंचिंग विभाग के प्रभारी सहायक नगर आयुक्त डॉ. एके सिंह, प्रवर्तन दस्ते के प्रभारी कर्नल आलोक नारायण आदि शामिल रहे।
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इससे ऊंची बोली (34 हजार रुपये प्रति भैंस) लगाने वाले रामशरण यादव ने भैंस लेने से इनकार कर दिया था। इनकी 50 हजार रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई। नगर निगम ने जाजमऊ और ग्वालटोली में अवैध रूप से संचालित चट्टों से 61 भैंस जब्त की थीं। नगर निगम मुख्यालय में 3:00 बजे से इनकी नीलामी शुरू हुई।
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मीटिंग हॉल में लगी बोली में कौशांबी के ग्राम बजहा खुर्रमपुर निवासी रामशरण यादव और सन्नी, गंगाघाट, उन्नाव निवासी रामनरेश शामिल हुए। शुरुआत 25 हजार रुपये से हुई। सबसे ज्यादा 34 हजार की बोली लगाने वाले रामशरण को 61 भैंसों के 20.74 लाख रुपये जमा करने के लिए एक घंटे की मोहलत दी गई।
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उनके मना करने पर दूसरे स्थान पर रहे रामनरेश ने शाम छह बजे रकम जमा कर दी। उन्हें कान्हा गोशाला से भैंसें ले जाने की रसीद दी गई। नीलामी में कैटल कैंचिंग विभाग के प्रभारी सहायक नगर आयुक्त डॉ. एके सिंह, प्रवर्तन दस्ते के प्रभारी कर्नल आलोक नारायण आदि शामिल रहे।
एक्सपोर्टर ने नौकर को आगे कर लगवाई बोली
जाजमऊ निवासी सेडलरी, बेल्ट आदि के निर्यातक मेराज ने नौकर रामशरण से बोली लगवाई थी। मेराज ने बताया कि नगर निगम ने भी उनकी चार मुर्रा भैंस पकड़ी थीं। उन्होंने बाकी चट्टा संचालकों से बात की थी कि वह अपनी चार भैंसें ले लेंगे। बाकी लोग नीलामी के आधार पर कीमत देकर अपनी-अपनी भैंस उनसे ले लें। बोली के बाद रामशरण ने आकर प्रति भैंस 34 हजार रुपये बताए तो चट्टा संचालकों ने 28 हजार रुपये ही देने की बात कही। इस पर मेराज ने रामशरण के साथ नीलामी स्थल पहुंचकर अपर नगर आयुक्त (द्वितीय) अरविंद राय से भैंस लेने से इनकार कर दिया।
महापौर को घेरने की कोशिश
नीलामी शुरू होने से पहले महापौर प्रमिला पांडेय नगर निगम मुख्यालय से लौटने के लिए पोर्टिको में खड़ी अपनी गाड़ी के पास पहुंचीं, तभी महिलाओं सहित चट्टा संचालकों ने उन्हें घेरने की कोशिश की। बवाल की नौबत आते देख महापौर पोर्टिको से नगर निगम लौटीं और दूसरे गेट पर कार मंगाकर रवाना हुईं।
नगर निगम को भैंसों की नीलामी से 52.39 लाख की आय
चट्टों को शहर से बाहर करने के लिए दो महीने से चल रहे अभियान के दौरान जब्त की गईं 159 भैंसों से नगर निगम को 52.39 रुपये की आय हुई। महापौर प्रमिला पांडेय के अनुसार चट्टों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
जाजमऊ निवासी सेडलरी, बेल्ट आदि के निर्यातक मेराज ने नौकर रामशरण से बोली लगवाई थी। मेराज ने बताया कि नगर निगम ने भी उनकी चार मुर्रा भैंस पकड़ी थीं। उन्होंने बाकी चट्टा संचालकों से बात की थी कि वह अपनी चार भैंसें ले लेंगे। बाकी लोग नीलामी के आधार पर कीमत देकर अपनी-अपनी भैंस उनसे ले लें। बोली के बाद रामशरण ने आकर प्रति भैंस 34 हजार रुपये बताए तो चट्टा संचालकों ने 28 हजार रुपये ही देने की बात कही। इस पर मेराज ने रामशरण के साथ नीलामी स्थल पहुंचकर अपर नगर आयुक्त (द्वितीय) अरविंद राय से भैंस लेने से इनकार कर दिया।
महापौर को घेरने की कोशिश
नीलामी शुरू होने से पहले महापौर प्रमिला पांडेय नगर निगम मुख्यालय से लौटने के लिए पोर्टिको में खड़ी अपनी गाड़ी के पास पहुंचीं, तभी महिलाओं सहित चट्टा संचालकों ने उन्हें घेरने की कोशिश की। बवाल की नौबत आते देख महापौर पोर्टिको से नगर निगम लौटीं और दूसरे गेट पर कार मंगाकर रवाना हुईं।
नगर निगम को भैंसों की नीलामी से 52.39 लाख की आय
चट्टों को शहर से बाहर करने के लिए दो महीने से चल रहे अभियान के दौरान जब्त की गईं 159 भैंसों से नगर निगम को 52.39 रुपये की आय हुई। महापौर प्रमिला पांडेय के अनुसार चट्टों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।