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Kanpur: खाद की 30 दुकानों पर ताला, बगैर जांच लाइसेंस निलंबित, DM बोले- गलत निलंबन पर अफसरों से जवाब होगा तलब

Fri, 25 Jul 2025 08:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 25 Jul 2025 08:52 AM IST
सार

Kanpur News: दुकानदारों का कहना है कि दुकान पर कोई टीम आई ही नहीं, ऐसे में कैसे लाइसेंस निलंबित किया गया। लाइसेंस निलंबित होने का आदेश मिलने के बाद दुकानदार जिलाधिकारी और जिला कृषि अधिकारी के यहां पहुंचे, तो अफसरों की कारगुजारी सामने आई।

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Kanpur 30 fertilizer shops locked license suspended without investigation DM said officers will asked answer
शिवराजपुर मे बंद पड़ी खाद की दुकान - फोटो : amar ujala

विस्तार

केस- 1

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शिवराजपुर ब्लॉक के इंधना गांव के रहने वाले विजय सिंह ने खाद की दुकान का लाइसेंस तो लिया, लेकिन आज तक दुकान पर खाद की बिक्री नहीं की। कभी कोई टीम इनकी दुकान पर जांच करने नहीं आई। कृषि उप निदेशक ने लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की तो कृषि अधिकारी ने कार्रवाई कर दी। इसके बाद दुकानदार डीएम-कृषि अधिकारी के पास गुहार लगा रहा है।

केस-2
शिवराजपुर ब्लॉक के नधिया बुजुर्ग के खाद दुकानदार आशुतोष मिश्रा ने बताया कि 16 जुलाई को कोई भी जांच टीम दुकान पर पहुंची ही नहीं थी। इसके बावजूद अगले दिन कृषि अधिकारी ने दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। दुकानदार ने जिला कृषि अधिकारी से लाइसेंस बहाल करने की गुहार लगाई है।

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कानपुर में खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने उर्वरक की 32 दुकानों पर छापे मारे। 30 दुकानें बंद मिलीं, तो अफसरों ने बिना नोटिस दिए इन सभी दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। नियमत: बिना जवाब तलब किए बिना लाइसेंस निलंबित नहीं किए जा सकते हैं। दो अन्य दुकानों में स्टॉक में हेरफेर मिला, तो उनका लाइसेंस निलंबित किया गया है।

शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी और अपर जिला कृषि अधिकारी की अध्यक्षता में टीम नामित की थी। 16 जुलाई को टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों पर छापा मारा था। शाम तक कुल 71 दुकानों का निरीक्षण किया गया। 16 नमूने लिए गए और 32 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे।

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पहले नोटिस देकर बात सुनी जाए
इनमें 30 दुकानें ऐसी थीं, जिनमें निरीक्षण के दौरान ताला बंद मिला था। सबसे ज्यादा 19 दुकानों का लाइसेंस उप कृषि निदेशक की संस्तुति पर निलंबित किया गया। कृषि अधिकारी ने चार, कृषि रक्षा अधिकारी ने सात दुकानों का लाइसेंस निलंबित किया। शासन की नियमावली के अनुसार, छापे के दौरान किसी भी दुकानदार के यहां अनियमितता या खामी मिलती है, तो कार्रवाई करने से पहले नोटिस देकर उसकी बात सुनी जाए।  सही जवाब न मिलने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।

जांचना था उर्वरक स्टाक, निलंबित किया बीज विक्रय का लाइसेंस
शासन और जिलाधिकारी के निर्देश सिर्फ उर्वरक स्टाक की जांच करने के निर्देश थे। इसके बावजूद शिवराजपुर ब्लॉक की मेसर्स कृष्णा खाद एवं बीज भंडार, आशा बीज भंडार, कार्तिकेय बीज भंडार, बालाजी बीज भंडार, ऑकिशी बीज भंडार, किसान बीज भंडार शिवराजपुर की दुकानों में बीज विक्रय के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। खास बात यह है कि ये भी दुकानें खुली नहीं थीं।

छापे के दौरान दुकानें सभी खुली मिलनी चाहिए थीं। ये सभी चोर दुकानदार हैं, इसलिए दुकानों पर ताले लगे थे। निलंबन करने के लिए सभी दुकानदारों से पत्राचार थोड़े न करेंगे। किसी के पास खाद का स्टाक, रजिस्टर दुरुस्त नहीं मिले थे। अब अपने को सही बताने के लिए ये सब कर रहे हैं।  -आरएस वर्मा, उप कृषि निदेशक

अगर दुकानदार मौके पर ताला बंदकर भागता दिखा है तो कार्रवाई की जा सकती है। अगर पहले से ही दुकान में ताला बंद है तो नोटिस जारी करने के बाद जवाब जलब करना चाहिए। इसके बाद कार्रवाई होती है। अगर गलत तरह से लाइसेंस निलंबन हुआ है तो जिम्मेदारों से जवाब तलब किया जाएगा।  -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी

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