Kanpur: कटियाबाज चुरा रहे 20% बिजली….इसलिए जा रही लाइट, केस्को कर्मियों से दो हाथ आगे हैं चोर, पढ़ें रिपोर्ट
Kanpur News: चमनगंज, बाबूपुरवा, बेकनगंज, दलेलपुरवा, हीरामनकापुरवा, रिजवी रोड, अनवरगंज, जूही क्षेत्र में बिजली चोरी का खेल चल रहा है। केस्को की ओर से ओवरलोडिंग और फॉल्ट की तैयारियां पहले से ही चल रही थीं, लेकिन बिजली चोरी पर ज्यादा अंकुश नहीं लग सका।
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कानपुर शहरवासी गर्मी में बिजली के संकट से जूझ रहे हैं। ओवर लोडिंग से जहां कई क्षेत्रों में ट्रिपिंग की समस्या है, वहीं आरडीएसएस के कार्यों के लिए कटाैती जारी है। इस अव्यवस्था से लाखों लोग उमस और दिन ब दिन बढ़ते तापमान से बेहाल हैं, जबकि बिजली चोर मस्त हैं। यहां के कटियाबाज कुल बिजली सप्लाई में से 20 फीसदी चोरी कर मुफ्त में एसी, कूलर की हवा खा रहे हैं।
गर्मी और उमस से पिछले तीन महीने में बिजली की मांग 625 मेगावॉट से बढ़कर 763 मेगावॉट पहुंच गई है। घरों में एसी और कूलर की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके असर से डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर और फीडर ओवरलोड हो गए हैं। आए दिन ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या शुरू हो गई हैं। बारासिरोही, विकासनगर, पनकी सब स्टेशन में सबसे अधिक दिक्कतें हैं।
फ्री में एसी और कूलर चलाया जा रहा
केस्को की ओर से ओवरलोडिंग और फॉल्ट की तैयारियां पहले से ही चल रही थीं, लेकिन बिजली चोरी पर ज्यादा अंकुश नहीं लग सका। गर्मी से पहले ही बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान चला। चमनगंज समेत कुछ क्षेत्रों में चोरियां पकड़ी गई थीं। यूपीपीसीएल के चेयरमैन की ओर से 20 फीसदी बिजली चोरी रोकने के निर्देश हैं, जबकि चमनगंज, बाबूपुरवा, बेकनगंज, दलेलपुरवा, हीरामन का पुरवा, रिजवी रोड, अनवरगंज, जूही क्षेत्र में कटियाबाज मुफ्त की हवा खा रहे हैं। कुछ जगह तो ऐसी हैं, जहां पर दो से तीन घर फ्री में एसी और कूलर चलाया जा रहा है।
केस्को कर्मियों से दो हाथ आगे चोर
कटियाबाज और बिजली चोर केस्को कर्मियों से दो हाथ आगे हैं। उनके तरीकों को पकड़ पाना आसान नहीं है। यह कई तरह से चोरी करते हैं।
- अंधेरा होने या देर रात में कटिया लगाई जाती है।
- संदेह न हो, उसके लिए बकायदा कनेक्शन भी लेते हैं।
- बिजली चोरी में पड़ोसियों को भी सप्लाई दे देते हैं।
- नाले और सीवर लाइन के बगल से वैकल्पिक लाइन डालते हैं।
- केस्को की टीम पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है।
- केस्को के प्राइवेट गैंग से भी सांठगांठ करके रखते हैं।
ऐसे की जा रही बिजली चोरी
कटियाबाज मीटर लाइन को बाईपास कर देते हैं। रीडिंग री-स्टोर कर चोरी होती है। रात में इसी से एसी चलते हैं। कई जगह तो अंडरग्राउंड पैनल बॉक्स को तोड़कर कटिया लगा दी जा रही है। घने मोहल्लों में तार के बीच तार दौड़ाकर, पोल के अंदर से तार डालकर कटिया लगाते हैं।
तीन साल में पकड़ी 4600 बिजली चोरी
केस्को ने नवंबर 2024 से मई 2025 तक 1053 स्थानों पर चेकिंग की, जिसमें से 870 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी। एक से पांच जून 2025 तक कुल 25 स्थानों पर चोरी पकड़ी और एफआईआर दर्ज की गई। अप्रैल से मई 2025 के बीच बिजली चोरों से एक करोड़ 65 लाख का जुर्माना वसूला गया। जनवरी से मई 2024 तक पकड़े गए बिजली चोरी के मामलों में जुर्माना 48 करोड़ वूसला गया। पिछले तीन सालों में जनवरी से मई तक बिजली चोरी के 4600 मामले सामने आए। इस दौरान 158 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया।
कुछ क्षेत्रों में बिजली चोरी की सूचनाएं मिल रही हैं। सिर्फ चमनगंज में 104 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई। विजिलेंस की टीमें डिजीवन के अधिकारियों के साथ पहले इन क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण करती हैं, फिर छापेमारी की जाती है। हर दिन अभियान चलाया जा रहा है। -डॉ. राजेश कुमार तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक, विजिलेंस कानपुर