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लापरवाही: आपदा में अवसर…12 की मृत्यु और 13 को मुआवजा, जांच समिति की समीक्षा में कानपुर देहात की खुली पोल

Wed, 02 Jul 2025 11:07 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 02 Jul 2025 11:07 AM IST
सार

Kanpur News: अरुण पाठक ने एडीएम वित्त से कहा कि आपने दैवी आपदा में 2022-23 में 12 की मृत्यु दिखाई और 13 को मुआवजा दे दिया। आप लोग बाबुओं के भरोसे काम कर रहे हैं।

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Kanpur 12 dead and compensation for 13 Kanpur Dehat exposed in the review of the investigation committee
उप्र विधान परिषद दैविय आपदा प्रबंधन जांच समिति की बैठक - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के सरसैया घाट नवीन सभागार में विधान परिषद की दैवी आपदा प्रबंधन जांच समिति ने कानपुर नगर, कानपुर देहात और औरैया जिले के अधिकारियों के साथ आपदा की समीक्षा की। कानपुर देहात के अधिकारियों की ओर से समिति को दैवी आपदा के दिए गए आंकड़े अपर मुख्य सचिव की रिपोर्ट से मेल न खाने पर सभापति एमएलसी अवनीश कुमार सिंह व सदस्य एमएलसी अरुण पाठक भड़क गए। अरुण पाठक ने एडीएम वित्त से कहा कि आपने दैवी आपदा में 2022-23 में 12 की मृत्यु दिखाई और 13 को मुआवजा दे दिया।

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आप लोग बाबुओं के भरोसे काम कर रहे हैं। सीएमओ की रिपोर्ट और आपकी रिपोर्ट में मरने वालों की संख्या में भी गड़बड़ी है। इस सवाल पर कोई अधिकारी जवाब नहीं दे सका। समिति के सभापति इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, सदस्य अरुण पाठक, अंगद कुमार व रामसूरत राजभर ने सबसे पहले कानपुर देहात और औरैया जिले की समीक्षा की। सर्पदंश, गंगा-यमुना, तालाब-पोखरों में डूबकर मौतों के साथ वन क्षेत्र पर ज्यादा चर्चा की। सबसे पहले अधिकारियों का परिचय लिया तो कानपुर देहात के डीएम और औरैया के एसपी-एएसपी अनुपस्थित मिले।

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बोले- सर, पोर्टल की गड़बडी है
सभापति ने कहा, बिना जानकारी के गायब होना ठीक नहीं। इसके बाद कानपुर देहात के आंकड़े शासन के आंकड़ों से मैच न करने पर एमएलसी पाठक ने कहा कि जिला 74 घटनाएं बता रहा और शासन से 60 की जानकारी मिली। सर्प दंश, अतिवृष्टि, बिजली, आंधी-तूफान व डूबने से हुई मौतों के आंकड़े ही अलग-अलग हैं। किसकी बात मानी जाए। इस पर भी अधिकारी जवाब नहीं दे सके। उसी समय आपदा विशेषज्ञ को पूछा तो पीछे बैठे कुर्सी पर बैठे अश्वनी खड़े होकर बोले सर, पोर्टल की गड़बडी है। 

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एमएलसी बोले- यह बड़ा खेल है
इस पर एमएलसी बोले यह बड़ा खेल है, दोष पोर्टल का दे रहे हो। उन्होंने जिले से मिलान करके रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। इसपर समिति ने आपदा से निपटने के चार सूत्र बताए। कहा, पहले से तैयारी, तत्काल प्रतिक्रिया, जागरूकता व ऐसी व्यवस्था बने कि कम से कम आपदा आएं। सदस्य रामसूरत राजभर, अंगद कुमार ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजना के अंतर्गत निर्मित पानी की टंकियों पर उच्च क्षमता के विद्युत तड़क यंत्र स्थापित कराएं, जिससे बिजली गिरने की घटनाएं रोकी जा सकें। डीएम औरैया डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, एसपी देहात अरविंद मिश्र ने इस दिशा में बेहतरी से काम की बात कही।

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