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Kannauj: बालक की अपहरण के बाद हत्या में युवक को उम्रकैद, सरसों के खेत में गड़ा मिला था शव
Fri, 08 May 2026 10:43 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: Shikha Pandey
Updated Fri, 08 May 2026 10:43 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2011 के सनसनीखेज बालक हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता के सहयोगी को अदालत ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस घटना का मुख्य आरोपी ट्यूशन अध्यापक था, जिसने जेल में आत्महत्या कर ली थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी युवक को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
कस्बे तिर्वा के मोहल्ला गली बाजार तिर्वागंज निवासी अतुल कुमार गुप्ता का आठ साल का बेटा केशव ओमर 12 दिसंबर 2011 की शाम साढ़े पांच बजे रोजाना की तरह दूध लेने गया था, इसके बाद वापस नहीं लौटा। किशोर के अपहरण की साजिश उसके ट्यूशन अध्यापक अमित कुमार सविता जो मूलरूप से थाना इंदरगढ़ के ग्राम जदेका पुरवा बेलामऊ सरैया का रहने वाला था। उसने दूध लेने जा रहे केशव को अपने पास बुलाया। इसके बाद कृष्णकुमार उर्फ महेशदत्त, अमित व राघव तीनों उसे बाइक पर बैठाकर तिर्वा के मोहल्ला बौद्धनगर स्थित मकान पर ले गए और वहीं बंद कर दिया। इसके बाद केशव के पिता अतुल कुमार गुप्ता उर्फ राजा को फोन कर फिरौती के लिए बातचीत करने लगे। 22 दिसंबर की देर रात अमित के घर पर ही गला दबाकर केशव की हत्या कर दी और शव सरसों के खेत में दफना दिया गया था।
इसके बाद 23 दिसंबर की शाम साढ़े चार बजे विकास भवन पर अतुल कुमार से तीनों ने फिरौती के 2.70 लाख रुपये लिए और केशव को छोड़ने की बात कहकर चले गए। पुलिस ने 26 दिसंबर 2011 को थाना इंदरगढ़ के ग्राम जदेका पुरवा निवासी कृष्णकुमार उर्फ महेशदत्त को कस्बे के दौलेश्वर मंदिर के पास से गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से केशव द्वारा दूध के लिए ले जाई गई स्टील की बाल्टी व उसके अंदर 77000 रुपये बरामद हुए थे। उसकी निशानदेही पर पूरे मामले का खुलासा हुआ और केशव का शव बरामद किया गया।
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पुलिस ने ट्यूशन मास्टर अमित कुमार सविता व कृष्णकुमार को जेल भेज दिया था। कुछ दिन बाद अमित कुमार सविता ने जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को इस मामले अपर सत्र न्यायाधीश हरिप्रसाद की अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषी कृष्ण कुमार उर्फ महेशदत्त को आजीवन कारावास व 75 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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कस्बे तिर्वा के मोहल्ला गली बाजार तिर्वागंज निवासी अतुल कुमार गुप्ता का आठ साल का बेटा केशव ओमर 12 दिसंबर 2011 की शाम साढ़े पांच बजे रोजाना की तरह दूध लेने गया था, इसके बाद वापस नहीं लौटा। किशोर के अपहरण की साजिश उसके ट्यूशन अध्यापक अमित कुमार सविता जो मूलरूप से थाना इंदरगढ़ के ग्राम जदेका पुरवा बेलामऊ सरैया का रहने वाला था। उसने दूध लेने जा रहे केशव को अपने पास बुलाया। इसके बाद कृष्णकुमार उर्फ महेशदत्त, अमित व राघव तीनों उसे बाइक पर बैठाकर तिर्वा के मोहल्ला बौद्धनगर स्थित मकान पर ले गए और वहीं बंद कर दिया। इसके बाद केशव के पिता अतुल कुमार गुप्ता उर्फ राजा को फोन कर फिरौती के लिए बातचीत करने लगे। 22 दिसंबर की देर रात अमित के घर पर ही गला दबाकर केशव की हत्या कर दी और शव सरसों के खेत में दफना दिया गया था।
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इसके बाद 23 दिसंबर की शाम साढ़े चार बजे विकास भवन पर अतुल कुमार से तीनों ने फिरौती के 2.70 लाख रुपये लिए और केशव को छोड़ने की बात कहकर चले गए। पुलिस ने 26 दिसंबर 2011 को थाना इंदरगढ़ के ग्राम जदेका पुरवा निवासी कृष्णकुमार उर्फ महेशदत्त को कस्बे के दौलेश्वर मंदिर के पास से गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से केशव द्वारा दूध के लिए ले जाई गई स्टील की बाल्टी व उसके अंदर 77000 रुपये बरामद हुए थे। उसकी निशानदेही पर पूरे मामले का खुलासा हुआ और केशव का शव बरामद किया गया।
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पुलिस ने ट्यूशन मास्टर अमित कुमार सविता व कृष्णकुमार को जेल भेज दिया था। कुछ दिन बाद अमित कुमार सविता ने जेल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को इस मामले अपर सत्र न्यायाधीश हरिप्रसाद की अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषी कृष्ण कुमार उर्फ महेशदत्त को आजीवन कारावास व 75 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।