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नवाब सिंह मामला: बुआ से चल रही पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा, आरोपी से अवैध संबंध के चलते नहीं कराया मेडिकल

Thu, 22 Aug 2024 04:49 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 22 Aug 2024 04:49 AM IST
सार

Kannauj News: आरोपी बुआ के नवाब सिंह यादव से कई सालों से अवैध संबंध थे। पूछताछ में बुआ ने पुलिस को बताया कि नवाब सिंह यादव को वह पिछले पांच-छह सालों से जानती है और उसके नवाब सिंह से शारीरिक संबंध भी थे।

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Kannauj Scandal, Aunt had illicit relations with Nawab Singh, said he lured with 10 lakhs, so refused medical
kannauj case - फोटो : amar ujala

विस्तार

कन्नौज जिले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के डिग्री कॉलेज में रात के वक्त अपने साथ नाबालिग भतीजी को ले जाने वाली आरोपी बुआ को पुलिस ने आखिर बुधवार को तिर्वा से गिरफ्तार कर लिया। बुआ ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि घटना के बाद जब उसने खुद को भी इस मामले में फंसते देखा, तो गिरफ्तारी के डर से फरार हो गई थी।

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पुलिस ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में उसे भी आरोपी बनाया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने अपने कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि बीती 11 अगस्त की रात को एक किशोरी ने डायल 112 पर कॉल करके चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में उसके साथ दुष्कर्म होने की सूचना दी थी।

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नौकरी दिलाने के नाम पर लाई थी बुआ
पुलिस मौके पर पहुंची, तो अड़ंगापुर निवासी नवाब सिंह यादव एक कमरे में पड़े बेड पर अंडरवियर में लेटा मिला था। पास ही कुर्सी पर पीड़िता की बुआ बैठी थी। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि बुआ उसे नौकरी दिलाने के नाम पर यहां लाई थी।

नवाब सिंह ने किशोरी का जबरन टॉप उतार दिया
बातचीत के दौरान बुआ टॉयलेट जाने के बाहाने भतीजी को नवाब सिंह के पास कमरे में छोड़कर चली गई। तभी नवाब सिंह ने किशोरी का जबरन टॉप उतार दिया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नवाब को गिरफ्तार कर 12 अगस्त को जेल भेज दिया था।

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बुआ की भी प्रकरण में संलिप्तता पाई गई
इसके बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। किशोरी के कोर्ट में दिए बयान का अवलोकन किया गया तथा तकनीकी साक्ष्य संकलन से बुआ की भी प्रकरण में संलिप्तता पाई गई। इसी आधार पर उसे भी आरोपी बनाया गया, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मेडिकल परीक्षण में बाधा डालने का आरोप
एसपी ने बताया कि 12 अगस्त को पीड़िता के साथ उसकी बुआ भी कोतवाली में मुकदमा लिखाने गई थी, जब पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, तो वह बाधा डालने लगी। कार्रवाई का पुलिस का सहयोग नहीं किया।

मां-बाप ने बुआ पर कई संगीन आरोप लगाए
अगले दिन जब किशोरी के माता-पिता आए तो उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बुआ ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी। उन्होंने बुआ पर कई संगीन आरोप लगाए। जब पूछताछ के लिए उसे कोतवाली बुलाया गया तो वह फरार हो गई।

बुआ के नवाब सिंह से अवैध संबंध
पुलिस ने बताया कि आरोपी बुआ के नवाब सिंह यादव से कई सालों से अवैध संबंध थे। पूछताछ में बुआ ने पुलिस को बताया कि नवाब सिंह यादव को वह पिछले पांच-छह सालों से जानती है और उसके नवाब सिंह से शारीरिक संबंध भी थे। 11 अगस्त को नवाब ने उसे कॉल करके कॉलेज में बुलाया था। वह लखनऊ में भतीजी के साथ थी, जहां से नवाब के कहने पर भतीजी को साथ लेकर कॉलेज पहुंची थी।

नीलू ने दिया था 10 लाख रुपये का लालच
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी बुआ ने बताया कि जब उनकी भतीजी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा था, तो नवाब सिंह के छोटे भाई नीलू यादव ने मेडिकल न कराने और न्यायालय में बयान से पलटने पर 10 लाख रुपये देने का लालच दिया था।

नीलू को भी अभियुक्त बना सकती है पुलिस
इसी वजह से वह भतीजी का मेडिकल परीक्षण कराने से मना कर रही थी। नीलू ने ही कुछ अन्य लोगों के भी नाम लेने को कहा था, जिससे विवेचना प्रभावित हो सके। इस आधार पर पुलिस पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलू यादव को भी अभियुक्त बना सकती है।

बुआ के मामले में अगली सुनवाई तीन सितंबर को
कोर्ट ने आरोपी बुआ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि बुआ के मामले में अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी। वहीं, मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव की रिमांड पर अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी, इसमें न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

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