फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kannauj Gangster Case Nawab Singh Neelu and Pooja Tomar Sentenced Fortress of Political Influence Collapses

सत्ता से सलाखों तक: ‘अंधेरी’ हुई सियासत की चमक, नवाब सिंह के जुर्म का साम्राज्य ध्वस्त, ऐसे हुआ रसूख का पतन

Sat, 30 May 2026 11:13 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 30 May 2026 11:13 AM IST
सार

Kannauj News: पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह, जो कभी सत्ता के गलियारों में रसूख रखते थे। अब जेल में बंद हैं। नवाब सिंह को आठ साल की सजा हो चुकी है और अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, उनकी सहयोगी पूजा तोमर, जो फरार थी, साध्वी के वेश में पुलिस के हत्थे चढ़ी।

विज्ञापन
Kannauj Gangster Case Nawab Singh Neelu and Pooja Tomar Sentenced Fortress of Political Influence Collapses
नवाब सिंह, नीलू और पूजा तोमर को सजा - फोटो : amar ujala

विस्तार

इत्रनगरी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह ने राजनीतिक रसूख से करोड़ों की संपत्ति बनाई। गैंगस्टर में दो मामले दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी संपत्तियों की तलाश शुरू की। अब तक 33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। कई अन्य संपत्तियों पर भी पुलिस की निगाह है।

विज्ञापन

सपा सरकार के दौरान नवाब सिंह ने इत्रनगरी की राजनीति में अपनी बादशाहत कायम की थी। उसके दरबार में कई मंत्री और अफसर भी आते थे। 11 अगस्त 2024 को किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस को उसकी आपराधिक कुंडली में 27 मुकदमे मिले। उसके भाई नीलू यादव पर भी 32 मुकदमे दर्ज थे।

विज्ञापन





अन्य संपत्तियों को तलाश रही है पुलिस
इन्हीं मुकदमों के आधार पर 27 सितंबर 2024 को गैंगस्टर का पहला मामला दर्ज हुआ। जेल में रहते हुए डॉक्टर दंपती को धमकाने पर जुलाई 2025 में दूसरी प्राथमिकी दर्ज हुई। तिर्वा रोड पर चंदन होटल समेत 33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। पुलिस अब उसकी अन्य संपत्तियों को भी तलाश रही है।

चार साल बाद कर सकेंगे हाईकोर्ट में अपील
गैंगस्टर में नवाब सिंह व नीलू यादव को आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। कानून के जानकारों का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट में जितने साल की सजा सुनाई जाती है, उसकी आधी सजा काटने के बाद ही वह जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। अभी दोनों की मुश्किलें कम नहीं होने वालीं हैं क्योंकि गैंगस्टर के दूसरे मुकदमे में पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। साथ ही किशोरी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट में गवाही का दौर चल रहा है।

विज्ञापन

जमानत मिलने के बाद साध्वी बन गई पूजा
नवाब सिंह यादव के जरायम के पेशे में सहयोगी रही पूजा तोमर की कहानी भी अजीब है। साक्ष्य प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद वह भूमिगत हो गई। इधर, कोर्ट में हाजिर न होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। पुलिस के मुताबिक जब उसके ठिकाने पर एसओजी पहुंची तो वह वहां साध्वी की वेशभूषा में मिली। वह तपस्या में लीन थी और शरीर पर जौ के जवारे उगाए थे।

नवाब सिंह यादव व नीलू के ऊपर जितने भी आपराधिक मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं उनमें पुलिस के पास पर्याप्त और ठोस साक्ष्य हैं। इनके आधार पर सशक्त पैरवी की जा रही है। अन्य मामलों में भी सजा दिलाने का प्रयास रहेगा।  -विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक

हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर अपराधियों के खिलाफ एक संकल्प है। बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले और समाज में भय फैलाने वाले तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून का यह डंडा हर अपराधी पर चलेगा। यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार में अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह कानून की गिरफ्त और सजा से बच नहीं सकता। हम उत्तर प्रदेश के नागरिकों को एक भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।  -असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

ये है पूरा मामला
गैंगस्टर एक्ट में पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव व उसके भाई वीरपाल उर्फ नीलू यादव को विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) ने आठ-आठ साल सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर दस-दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं उनकी मददगार पूजा तोमर को छह साल की सजा और पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर दो-दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

आठ लोगों को बनाया गया था गवाह
सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे ने 27 सितंबर 2024 को नवाब सिंह यादव व नीलू यादव और पूजा तोमर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इसमें आठ लोगों को गवाह बनाया था, जिसमें मुख्य आरक्षी कपिल देव, निरीक्षक कपिल दुबे, निरीक्षक आलोक कुमार दुबे, नवाब सिंंह के रिश्तेदार विशाल यादव, उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह, वादी दिनेश यादव, दुष्कर्म पीड़िता और उपनिरीक्षक दीपक कुमार शामिल थे।

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
साक्ष्यों और गवाही के आधार पर शुकवार को विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) एडीजे रजनीश मोहन वर्मा ने नवाब सिंह यादव व उसके छोटे भाई वीरपाल उर्फ नीलू यादव को सजा सुनाई। कोर्ट ने तीनों की जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। नवाब सिंह इस समय बांदा जेल में तो नीलू कौशांबी जिला जेल में बंद है। दोनों की कोर्ट में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। पूजा तोमर जिला कारागार में बंद है, उसे कड़ी सुरक्षा में न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने किशोरी से दुष्कर्म व डकैती के मुकदमे को बनाया आधार
पुलिस के मुताबिक नवाब सिंह यादव पर 32 तो नीलू यादव पर 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसकी सहयोगी पूजा तोमर पर केवल पांच मुकदमे हैं। गैंगस्टर एक्ट में पुलिस ने किशोरी से दुष्कर्म और देवधरापुर में ईंट-भट्ठे पर डकैती व लूटपाट की घटना को आधार मानकर चार्जशीट तैयार की थी। पुलिस ने इस मामले में दोनों घटनाओं के वादी समेत आठ लोगों को गवाह बनाया था। दो साल तक चली लगातार सुनवाई के बाद शुक्रवार को तीनों को सजा सुनाई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed