फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Kannauj Election Result 2022, Kannauj Vidhan Sabha Chunav Vote Counting News In Hindi

Kannauj Election Seat Result 2022: अखिलेश के गढ़ कन्नौज में सपा का सफाया, इस सीट पर 20 साल बाद खिला कमल

Thu, 10 Mar 2022 06:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 10 Mar 2022 06:09 PM IST
सार

सपा का गढ़ कहे जाने वाले कन्नौज में भाजपा ने तीनों सीटे जीतकर इतिहास रच दिया है। खास बात यह रही कि सदर सीट पर 20 साल बाद कमल खिला है।

विज्ञापन
Kannauj Election Result 2022, Kannauj Vidhan Sabha Chunav Vote Counting News In Hindi
कन्नौज सदर विधानसभा के विजेता प्रत्याशी असीम अरुण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व सीएम अखिलेश के गढ़ कन्नौज में सपा तीनों खाने चित्त हो गई है। इत्र नगरी की जनता जनार्दन ने जातियों की गोलबंदी तोड़कर सपा को बड़ा झटका दिया। यहां के वोटरों ने भाजपा को कन्नौज सदर के साथ छिबरामऊ और तिर्वा सीटों पर भरपूर आशीर्वाद दिया है।
विज्ञापन


जिले में 20 फरवरी को हुए मतदान में यह बात साफ हो गई थी, कि जो पार्टी जातियों की गोलबंदी तोड़ेगी, उसी को जीत मिलेगी। इसे मोदी और योगी की जोड़ी ने चरित्रार्थ करते भाजपा को शानदार जीत दिलाई है। सपा का गढ़ कहे जाने वाले कन्नौज में भाजपा ने तीनों सीटे जीतकर इतिहास रच दिया है। खास बात यह रही कि सदर सीट पर 20 साल बाद कमल खिला है।
विज्ञापन

सदर में बेस वोट के साथ असीम के खाते में आए एससी मतदाता
कानपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर के चुनाव मैदान में आ जाने से कन्नौज सदर विधानसभा की सीट शुरू से ही हॉट रही है। सपा के प्रत्याशी अनिल दोहरे चौथी बार चुनावी मैदान में थे। यहां एससी वर्ग के वोटरों की आबादी सबसे अधिक है। इसके बाद मुस्लिम की आबादी है।

असीम की ज्यादा यहां पहचान नहीं रही है, मगर इनके पिता एवं पूर्व डीजीपी स्व. श्रीराम अरुण ने करीब 30 साल पहले दलितों के उत्थान के लिए कई कार्य किए। इसके चलते भाजपा के बेस वोट के साथ अनिल को मिलने वाला ज्यादातर एससी वोट असीम को मिला। वहीं स्थानीय स्तर पर कई सपा नेताओं के मारपीट की हरकतों की वजह से पार्टी को इस बार यादव और मुस्लिम का भी पूरा वोट नहीं मिल पाया।

अंतिम चरण तक रही कांटे की टक्कर 
तिर्वा में सपा और भाजपा के बीच अंतिम समय तक कांटे की टक्कर रही है। यहां पर लोधी वोटरों के बाद यादव, पाल, मुसलमान मतदाता हैं। भाजपा लोधी, राजपूत और पार्टी के परंपरागत ब्राह्मण, क्षत्रिय, और पिछड़ा वर्ग के वोट को देखते हुए पूर्व विधायक कैलाश राजपूत को दोबारा टिकट मिला था।

लेकिन भाजपा से बगावत करके बसपा से चुनाव लड़ने वाले अजय वर्मा ने कैलाश की कई बूथों पर नुकसान किया, जिसके कैलाश की राह आसान नहीं रही। अंतिम समय पर नाराज शाक्य वोट बीजेपी में आ जाने से बीजेपी जीत गई। 
विज्ञापन

छिबरामऊ में ताहिर का डैमेज कंट्रोल नहीं कर पाई सपा
छिबरामऊ में अंत तक सपा पूर्व विधायक ताहिर का डैमेज कंट्रोल नहीं कर पाईं। अरविंद यादव ने अंतिम समय पर ताहिर को अपने पाले में कर तो लिया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

समाजवादी पार्टी के अनिल पाल को इस बार यादवों का वोट तो मिला, लेकिन मुस्लिम का वोट बंट गया। पूर्व विधायक ताहिर को टिकट नहीं मिलने से मुस्लिम ने सपा को सबक सिखाया है। यही वजह है कि भाजपा प्रत्याशी अर्चना पांडेय दोबारा बड़ी जीत हासिल की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed