Jyoti Murder Case: जांच में झूठी निकली थी पीयूष की कहानी, पुलिस भी मान चुकी थी सच, ऐसे गहराया था संदेह
बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति की हत्या के मामले में पीयूष की सुनाई कहानी झूठी निकली थी। पीयूष और ज्योति रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर निकले थे। पुलिस को पीयूष की कहानी में विरोधाभास के चलते संदेह हुआ था।
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कानपुर में 27 जुलाई 2014 की रात 12.30 बजे स्वरूप नगर थाने पहुंचे पीयूष ने पुलिस को कहानी तो सटीक सुनाई थी। पुलिस अफसरों ने उसकी कहानी पर कुछ हद तक विश्वास भी कर लिया था, लेकिन परिस्थितियों और कहानी में विरोधाभास से संदेह पैदा हुआ। पुलिस ने जांच पड़ताल की, तो मामला कुछ और ही निकला था।
पीयूष 27 जुलाई को पत्नी ज्योति को लेकर सीएसए चौराहा स्थित रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट गया था। खाना खाकर रात लगभग 11:30 बजे दोनों कार से लौट रहे थे। तभी सीएसए के पास चार मोटरसाइकिल पर सवार आठ लोग आए और कार रोककर पीयूष को मारापीटा और ज्योति का कार से ही अपहरण कर ले गए।
पीयूष को कार से फेंक दिया था। हाईप्रोफाइल केस के चलते पुलिस अफसर आनन फानन जांच पड़ताल में जुट गए थे। देर रात लगभग सवा एक बजे ज्योति का शव पनकी थाने के पीछे गली में कार के अंदर मिलने की सूचना मिली। मौके पर अफसर पहुंच गए, तो देखा कि ज्योति के शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे।
साफ सुथरे कपड़े पहन पहुंचा था पीयूष, गहरा गया था शक
ज्योति के गहने भी गायब थे। लूटपाट करने आए लुटेरों ने ज्योति का अपहरण क्यों किया और लूटपाट के बाद उसकी हत्या क्यों कर दी। पीयूष ज्योति के साथ था, लेकिन उसने ज्योति को बचाने की कोशिश नहीं की। पुलिस को तत्काल सूचना भी नहीं दी।
पीयूष के साफ-सुथरे कपड़े, पीयूष द्वारा बताए गए घटनास्थल पर तेज गति से जा रही गाड़ी के अचानक रुकने की हालत में सड़क पर जो टायर के निशान बनते हैं ऐसा कोई निशान भी नहीं मिला था। यह सभी सवाल पुलिस अफसरों को परेशान कर रहे थे। इसी वजह से सबसे पहले पीयूष पर ही शक गहरा गया था।
फिर राजफाश होता गया
पीयूष की कहानी झूठी लगने पर सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला। पुलिस ने विवेचना में खुलासा किया कि पीयूष और उसके घर के बगल में रहने वाली पान मसाला कारोबारी की बेटी मनीषा मखीजा के बीच प्रेम संबंध थे।
संबंधों में बाधक ज्योति को रास्ते से हटाने के लिए पीयूष और मनीषा ने मिलकर ज्योति की हत्या का षड्यंत्र रचा। मनीषा ने अपने ड्राइवर अवधेश से बात की तो उसने आशीष, सोनू और रेनू के जरिये ज्योति की हत्या कराने का प्लान बनाया। 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। प्लान के तहत ही घटना को अंजाम दिया गया।
फैसले का सम्मान, सजा पर रहम की करेंगे अपील
पीयूष के अधिवक्ता सईद नकवी, मनीषा के अधिवक्ता कमलेश पाठक व सोनू और अवधेश के अधिवक्ता सुरेश सिंह चौहान ने फैसले के बाद कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन कई ऐसे साक्ष्य हैं जिन्हें नजरंदाज किया गया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान रहम की अपील की जाएगी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।