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ज्योति हत्याकांड: बहस पूरी, फैसला 20 को, आठ साल पहले हुई थी बिस्कुट व्यापारी की बहू की हत्या, पति गया था जेल

Tue, 11 Oct 2022 07:32 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 11 Oct 2022 07:32 AM IST
सार

बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति की 27 जुलाई 2014 को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी ने स्वरूप नगर थाने में लुटेरों द्वारा ज्योति के अपहरण और हत्या की कहानी बताई थी।

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Jyoti murder case: Debate over, verdict on October 20
ज्योति हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आठ साल की लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद आखिर ज्योति हत्याकांड में फैसले की घड़ी आ गई है। सोमवार को ज्योति के पति पीयूष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में बहस की गई। मामले में सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला जज प्रथम अजय कुमार त्रिपाठी ने 20 अक्तूबर को फैसले की तिथि नियत कर दी है।

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बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति की 27 जुलाई 2014 को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी ने स्वरूप नगर थाने में लुटेरों द्वारा ज्योति के अपहरण और हत्या की कहानी बताई थी जबकि पुलिस ने हत्याकांड में ज्योति के पति पर ही अपनी कथित प्रेमिका के चक्कर में पत्नी की हत्या करवाने का आरोप लगाया था। षड्यंत्र के तहत भाड़े के गुंडों से पत्नी की हत्या कराने की बात पुलिस विवेचना में सामने आई थी।

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मामले में पीयूष, मनीषा मखीजा, मनीषा के ड्राइवर अवधेश कुमार चतुर्वेदी, अवधेश के साथी रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया, सोनू कश्यप व आशीष कश्यप आरोपी हैं। पीयूष के माता-पिता व दो भाइयों को भी पुलिस को समय पर सूचना न देने के लिए आरोपी बनाया गया है।

आरोपी अवधेश, अखिलेश और सोनू जेल में बंद हैं जबकि बाकी सभी को जमानत मिल चुकी है। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के हर हाल में तीन माह में निस्तारण के निर्देश दिए थे। सख्त टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से भी मामले का निस्तारण न होने के कारणों का पता लगाने को कहा था। जिसके बाद मुकदमे की सुनवाई में तेजी आई और कोर्ट ने प्रतिदिन सुनवाई कर सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद आखिर फैसले की तारीख नियत कर दी।

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