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क्रिकेट के पितामह ज्योति वाजपेयी का निधन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:03 PM IST
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ज्योति बाजपेई की फाइल फोटो
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कानपुर शहर में क्रिकेट के पितामह कहे जाने वाले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष, वर्तमान में यूपीसीए निदेशक ज्योति वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद बुधवार शाम 5 बजे आजाद नगर स्थित निज आवास पर निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे। उन्हें पार्किंसन नामक बीमारी थी। अपने पीछे वे दो बेटे मनीष, मयंक और एक बेटी ममता का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 10 बजे भैरव घाट में होगा। उनके निधन की खबर सुनते ही क्रिकेट प्रेमियों और शहरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। घर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
ज्योति वाजपेयी काफी समय से अस्वस्थ थे। अस्वस्थता के चलते वर्ष 2011 में उन्होंने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का पद छोड़ दिया था। इसके बाद बीसीसीआई के तत्कालीन उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के कहने पर अपने छोटे पुत्र मयंक वाजपेयी को यूपीसीए के महाप्रबंधक के पद पर काबिज किया। अपने व्यापार और व्यक्तिगत कारणों के चलते मयंक ने भी 2014 में महाप्रबंधक के पद से त्यागपत्र दे दिया था। ज्योति वाजपेयी का निवास सूटरगंज में भी है लेकिन पत्नी के निधन के बाद से वे काफी टूट चुके थे। मई 2017 में वे अपने नए घर आजाद नगर में शिफ्ट हो गए थे। बुधवार दोपहर 3 बजे उन्होंने फिजियोथेरेपी कराई और इसके बाद शाम 5 बजे उनकी सांसें थम गईं। बेटे मयंक वाजपेयी ने बताया कि पापा काफी समय से बीमार थे। इस कारण वे घर से बाहर नहीं जाते थे।
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ज्योति वाजपेयी काफी समय से अस्वस्थ थे। अस्वस्थता के चलते वर्ष 2011 में उन्होंने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का पद छोड़ दिया था। इसके बाद बीसीसीआई के तत्कालीन उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के कहने पर अपने छोटे पुत्र मयंक वाजपेयी को यूपीसीए के महाप्रबंधक के पद पर काबिज किया। अपने व्यापार और व्यक्तिगत कारणों के चलते मयंक ने भी 2014 में महाप्रबंधक के पद से त्यागपत्र दे दिया था। ज्योति वाजपेयी का निवास सूटरगंज में भी है लेकिन पत्नी के निधन के बाद से वे काफी टूट चुके थे। मई 2017 में वे अपने नए घर आजाद नगर में शिफ्ट हो गए थे। बुधवार दोपहर 3 बजे उन्होंने फिजियोथेरेपी कराई और इसके बाद शाम 5 बजे उनकी सांसें थम गईं। बेटे मयंक वाजपेयी ने बताया कि पापा काफी समय से बीमार थे। इस कारण वे घर से बाहर नहीं जाते थे।
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ज्योति वाजपेयी के जीवन पर एक नजर
ज्योति बाजपेई की पुरानी फोटो
जन्म-13 अगस्त 1936
पिता-रघुनाथ प्रताप वाजपेयी
माता-अन्नपूर्णा देवी
जन्मस्थान-भगवंतनगर मल्लावां हरदोई
शिक्षा-एम कॉम और कंपनी सेक्रेटरी
नौकरी-जेके ग्रुप में डायरेक्टर 1958 से 1998 तकरहे
पद-वर्तमान में यूपीसीए में निदेशक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में ज्वाइंट सेक्रेटरी केअलावा कोषाध्यक्ष भी रहे। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया से काफी नजदीकी रिश्ते थे।
उपलब्धियां-यूपी क्रिकेट को बुलंदियों तक पहुंचाने का श्रेय ज्योति वाजपेयी को ही जाता है। ग्रीनपार्क स्टेडियम में सर्वाधिक टेस्ट मैच और वनडे कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कारण लोग उन्हें कानपुर क्रिकेट का पितामह कहते थे।
पिता-रघुनाथ प्रताप वाजपेयी
माता-अन्नपूर्णा देवी
जन्मस्थान-भगवंतनगर मल्लावां हरदोई
शिक्षा-एम कॉम और कंपनी सेक्रेटरी
नौकरी-जेके ग्रुप में डायरेक्टर 1958 से 1998 तकरहे
पद-वर्तमान में यूपीसीए में निदेशक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में ज्वाइंट सेक्रेटरी केअलावा कोषाध्यक्ष भी रहे। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया से काफी नजदीकी रिश्ते थे।
उपलब्धियां-यूपी क्रिकेट को बुलंदियों तक पहुंचाने का श्रेय ज्योति वाजपेयी को ही जाता है। ग्रीनपार्क स्टेडियम में सर्वाधिक टेस्ट मैच और वनडे कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कारण लोग उन्हें कानपुर क्रिकेट का पितामह कहते थे।