Irfan Solanki Case: इरफान और अशरफ की न्यायिक हिरासत बढ़ी, 20 दिसंबर तक रहेंगे जेल में
सपा विधायक इरफान सोलंकी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को एमपीएमएलए कोर्ट ने विधायक और उनके मददगार अशरफ अली की न्यायिक हिरासत 20 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है। वो पहले से ही कानपुर जेल में बंद हैं।
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सपा विधायक इरफान सोलंकी व सपा नेत्री नूरी शौकत के भाई अशरफ अली की न्यायिक हिरासत अवधि एमपीएमएलए कोर्ट के न्यायाधीश आलोक यादव ने 20 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है। उन पर फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के मामले में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप है।
इरफान के समर्पण के बाद पुलिस ने दो दिसंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया था। यहां से जाजमऊ आगजनी मामले में, तो उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। लेकिन ग्वालटोली के मामले में सिर्फ पांच दिन का रिमांड ही स्वीकृत हुआ था।
सात दिसंबर को रिमांड अवधि खत्म हो रही थी। इसी तरह अशरफ अली की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे सिर्फ एक दिन के लिए कोर्ट ने रिमांड दिया था। इरफान और अशरफ दोनों की रिमांड अवधि खत्म होने पर बुधवार को रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए अभियोजन की ओर से कोर्ट में अर्जी दी गई।
अभियोजन अधिकारी शैलेश अगिभनहोत्री व अम्बरीष टंडन ने तर्क रखा कि विवेचना के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया है। इरफान जहां-जहां रुके व यात्रा की वहां से सबूत इकट्ठे करने हैं। दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज से इरफान की पहचान हो गई है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी से सबूत इकट्ठे करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें समय लगता है जबकि विवेचक को रिमांड के लिए कोर्ट में आना पड़ रहा है जिससे वह विवेचना के लिए बाहर नहीं जा पा रहे। एक गवाह ने इरफान का फर्जी आधार कार्ड तैयार होते देखा भी है।
कानूनन भी पुलिस को विवेचना के लिए पहले 15 दिन का समय मिलना चाहिए। इस समयावधि के बाद ही विवेचना की प्रगति के आधार पर रिमांड पर बहस होनी चाहिए। वहीं इरफान और अशरफ की ओर से अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने तर्क रखा कि पुलिस कई दिनों से जांच-पड़ताल कर रही है, लेकिन अब तक उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं।
पुलिस जबरन दोनों को न्यायिक हिरासत में रखना चाहती है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि इरफान के हवाई यात्रा करने, होटल में रुकने की बात कही गई है। दूसरे प्रदेशों में जाकर पुलिस को सबूत इकट्ठे करने हैं जिसके लिए समय लगेगा इसलिए कोर्ट ने दोनों को 20 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दे दिया।