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जितेंद्र अपहरण व हत्याकांड: आठ साल में सिर्फ दो गवाही, हाईकोर्ट के निर्देश पर निस्तारण की कगार पर पहुंचा केस

Sat, 13 Apr 2024 03:56 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 13 Apr 2024 03:56 PM IST
सार

Kanpur News: 11 साल पुराने छात्र के अपहरण व हत्याकांड में जल्द फैसला आने की उम्मीद है। मामले में दोनों पक्षों की गवाही खत्म होने के बाद अब अंतिम बहस चल रही है। बहस खत्म होने के बाद जल्द ही कोर्ट फैसला सुना सकती है।

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Jitendra kidnapping and murder case, case on the verge of disposal on the instructions of the High Court
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में लोहा व्यापारी के 19 साल के बेटे व इंटर के छात्र के अपहरण और हत्या के 11 साल पुराने मुकदमे में अंतिम बहस शुरू हो चुकी है। अपर जिला जज 14 दीपाली सिंह की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। खास बात यह है कि जिस मुकदमे में आठ साल में सिर्फ दो गवाहों के बयान ही दर्ज हो सके थे।

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उसमें हाईकोर्ट का आदेश आते ही सिर्फ सात महीने में आठ और गवाहों के बयान दर्ज हो गए और मुकदमा फैसले की कगार पर पहुंच गया। गोविंदनगर थाना क्षेत्र के रतनलालनगर निवासी शिव आसरे सिंह का  बेटा जितेंद्र (19) दो जून 2013 की रात लगभग 10 बजे थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा।

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उसका मोबाइल भी बंद था। काफी तलाश करने के बाद पिता ने 5 जून को गोविंदनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। जनतानगर गंदा नाला पुलिया के पास से एक शव मिला था जिसकी शिनाख्त न होने पर लावारिस में क्रियाकर्म कर दिया गया। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसके कपड़ों व सामान पिता को दिखाया तो उसकी शिनाख्त जितेंद्र के रूप में हुई।

अपहरणकर्ताओं ने मांगी थी 20 लाख की फिरौती
पुलिस ने जितेंद्र के अपहरण व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जितेंद्र की मौसी गीता सिंह के घर पहुंचने पर अपहरणकर्ताओं ने फोन कर 20 लाख की फिरौती देने और पुलिस को जानकारी देने पर जितेंद्र की हत्या करने की धमकी दी। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि विवेचना के बाद पुलिस ने रतनलालनगर निवासी अनुराग, बर्रा-छह निवासी मनीष उर्फ प्रशांत घई, बर्रा-चार निवासी संदीप कुमार उर्फ संजू पाराशर, रतनलालनगर निवासी रानू कुमार व बर्रा-सात निवासी गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

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जल्द ही कोर्ट सुना सकती है फैसला
अनुराग की निशानदेही पर नहर से जितेंद्र का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। कोर्ट में शिवआसरे, उनके दो सालों मनोज सिंह व अशोक सिंह, मौसी गीता सिंह समेत दस गवाह पेश किए जा चुके हैं। बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया। दोनों पक्षों की गवाही खत्म होने के बाद अब अंतिम बहस चल रही है। बहस खत्म होने के बाद जल्द ही कोर्ट फैसला सुना सकती है।

दो साल में हुई थी सिर्फ दो गवाही
वर्ष 2014 में फाइल सेशन कोर्ट पहुंची और अप्रैल 2016 में पांचों के खिलाफ आरोप तय हुए। इसके बाद पिछले साल तक सिर्फ दो गवाहों की गवाही ही पूरी हुई थी। शिवआसरे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की तो 24 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने एक साल में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद दिन-प्रतिदिन मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और सात माह में आठ अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराकर कुल दस गवाहों की गवाही के बाद गवाही खत्म हुई और अंतिम बहस शुरू हो गई।

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