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Kanpur News: बीआईएस ऐप पर दिखेगी गहने की फोटो, नकली हॉलमार्किंग पर लगेगी लगाम
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कानपुर। सोने के गहनों पर नकली हॉलमार्किंग को रोकने की दिशा में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही सराफ को बीआईएस केयर ऐप पर गहनों की फोटो भी लगानी होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह व्यवस्था पहले कानपुर समेत देश के 100 काॅरपोरेट ज्वैलर्स पर लागू की जाएगी। इसके बाद अन्य पर लागू होगी। नई व्यवस्था से ग्राहक को खरा सोना मिल सकेगा और नकली हॉलमार्किंग पर लगाम लगेगी।
शहर में सराफा का बड़ा कारोबार है। बिरहाना रोड, नयागंज, चौक में थोक बाजार है। शहर भर में दो हजार से ज्यादा शोरूम-दुकानें हैं। जून 2021 में बीआईएस ने सोने के गहनों पर हॉलमार्क अनिवार्य किया गया था। इसके तहत सराफ को बीआईएस का लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सोने के हर गहने पर हॉलमार्क चिह्न के साथ ही एचयूआईडी, सराफा का कोड, कैरेट अंकित किया जाता है।
अब भारतीय मानक ब्यूरो हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर से जुड़ी डुप्लीकेसी की समस्या को खत्म करने के लिए नई व्यवस्था ला रहा है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीआईएस के सदस्य पंकज अरोड़ा ने बताया कि अब गहनों की हर फोटो बीआईएस केयर ऐप पर अपलोड की जाएगी। हर गहने को एक एचयूडीआई नंबर दिया जाता है। तमाम सराफा लेजर मशीनों के जरिए छेड़छाड़ करके एक ही नंबर पर अलग-अलग गहनों को दिखा देते थे। अब एप पर फोटो लगी होने से दोनों की पहचान हो सकेगी। ग्राहकों को हॉलमार्क वाले शुद्ध गहने मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था तीन चरणों में लागू किए जाने का प्रावधान किया गया है। पहले चरण में कानपुर समेत देश भर के 100 कारपोरेट ज्वैलर्स पर इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में मध्यम श्रेणी के ज्वैलर्स और अंत में तीसरे चरण में पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा। पूर्व में ट्रैकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। एचयूआईडी ट्रांसफर मॉड्यूल भी लागू किया जा रहा है।
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शहर में सराफा का बड़ा कारोबार है। बिरहाना रोड, नयागंज, चौक में थोक बाजार है। शहर भर में दो हजार से ज्यादा शोरूम-दुकानें हैं। जून 2021 में बीआईएस ने सोने के गहनों पर हॉलमार्क अनिवार्य किया गया था। इसके तहत सराफ को बीआईएस का लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सोने के हर गहने पर हॉलमार्क चिह्न के साथ ही एचयूआईडी, सराफा का कोड, कैरेट अंकित किया जाता है।
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अब भारतीय मानक ब्यूरो हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर से जुड़ी डुप्लीकेसी की समस्या को खत्म करने के लिए नई व्यवस्था ला रहा है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीआईएस के सदस्य पंकज अरोड़ा ने बताया कि अब गहनों की हर फोटो बीआईएस केयर ऐप पर अपलोड की जाएगी। हर गहने को एक एचयूडीआई नंबर दिया जाता है। तमाम सराफा लेजर मशीनों के जरिए छेड़छाड़ करके एक ही नंबर पर अलग-अलग गहनों को दिखा देते थे। अब एप पर फोटो लगी होने से दोनों की पहचान हो सकेगी। ग्राहकों को हॉलमार्क वाले शुद्ध गहने मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था तीन चरणों में लागू किए जाने का प्रावधान किया गया है। पहले चरण में कानपुर समेत देश भर के 100 कारपोरेट ज्वैलर्स पर इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में मध्यम श्रेणी के ज्वैलर्स और अंत में तीसरे चरण में पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा। पूर्व में ट्रैकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। एचयूआईडी ट्रांसफर मॉड्यूल भी लागू किया जा रहा है।
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