Kanpur: जटेटा का सीईटीपी भी बनेगा आदर्श निर्माण साइट, नवंबर के पहले हफ्ते आएंगे विशेषज्ञ
जाजमऊ के पास बन रहा कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी आदर्श निर्माण साइट बनेगा। बिना प्रदूषण फैलाए निर्माण के लिए टेरी संस्था की मदद ली जाएगी। इसके लिए नवंबर के पहले हफ्ते में संस्था के विशेषज्ञ आएंगे।
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कानपुर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच अब प्रशासन निर्माणाधीन पनकी पावर प्लांट के बाद जाजमऊ के पास स्थित जाना गांव में बन रहे कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) को भी आदर्श निर्माण साइट के तौर पर विकसित करने के लिए चिह्नित कर लिया है।
इसके तहत अब ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के दौरान होने वाले प्रदूषण को न्यूनतम करने के लिए नई दिल्ली के द टेक्नोलॉजी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) से संपर्क भी साध लिया है। संस्था के विशेषज्ञ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ नवंबर के पहले में निर्माणाधीन साइट का निरीक्षण करेंगे।
उसके बाद वहां निर्माण के दौरान प्रदूषण को शून्य करने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। बता दें, 28 एकड़ में बन रहे इस ट्रीटमेंट प्लांट को जाजमऊ टेनरी एफ्लूएंड ट्रीटमेंट एसोसिएशन (जटेटा) बनवा रही है। इस निर्माण पर करीब 465 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
अभी तक इसके निर्माण की वजह से आसपास के क्षेत्र में बालू, मौरंग, सीमेंट के अलावा अन्य उत्पादों के कण हवा में उड़ने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत पेश आती रही है। वहीं, आदर्श निर्माण साइट बनने के बाद ऐसी दिक्कतें नहीं होंगी।
पनकी पावर प्लांट का निरीक्षण पूरा
उधर, शहर की पहली आदर्श निर्माण साइट के तौर पर चिह्नित पनकी पावर प्लांट का टेरी के विशेषज्ञ निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने विस्तृत प्लान बनाए जाने तक पानी के छिड़काव, निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को ढककर रखने और उसके स्टॉक के लिए जगहों का चयन कर बताया है।
इसके अलावा कुछ और सुझाव भी अगले हफ्ते तक संस्था देगी, जिसके बाद इस क्षेत्र को पूरी तरह से प्रदूषणमुक्त निर्माण साइट बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रकार जटेटा का सीईटीपी भी आदर्श निर्माण साइट बन जाएगा।