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जेईई मेन: पिता चलाते टी-स्टॉल, स्कूल ने दी कोचिंग की फीस, अब नितिन देंगे जेईई एडवांस
Tue, 21 Apr 2026 10:41 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:41 PM IST
सार
JEE Main 2026: नितिन ने ओबीसी श्रेणी में 44145 रैंक पाई है। जेईई मेन के परिणाम में कानपुर की मेधा ने परचम लहराया।
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नितिन साहू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जवाहरनगर में टी-स्टॉल चलाने वाले रामकिशोर साहू का बेटा नितिन साहू भी अब इंजीनियर बनेगा। जेईई मेन में नितिन ने ओबीसी श्रेणी में 44145 रैंक पाई है। वह 17 मई को होने वाले जेईई एडवांस के लिए योग्य हैं। सोमवार की देर शाम जारी जेईई मेन के परिणाम में शहर की मेधा ने परचम लहराया। इसी क्रम में ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन के कई छात्रों ने सफलता अर्जित की। स्कूल के 12वीं के छात्र नितिन को आगे बढ़ाने में स्कूल का भी योगदान रहा है।
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विद्यालय प्रबंध निदेशक डॉ. पूजा अवस्थी का कहना है कि नितिन से कोई फीस नहीं जाती है, बल्कि कोचिंग में उसकी मदद की गई। नितिन कहते हैं कि पहले प्रयास में सफलता मिली है। एडवांस की तैयारी कर रहे हैं। जैसा परिणाम होगा और गुरुजनों के निर्देश पर ही आगे की रणनीति तय करेंगे। नितिन का कहना है कि स्कूल ने काफी सहयोग किया। उनकी मां शिखा देवी गृहिणी हैं।
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इलेक्ट्रिकल में बीटेक करना चाहते हैं सनी मौर्या
रतनपुर निवासी सनी मौर्या को 1877 रैंक मिली है। एडवांस की तैयारी कर रहे सनी को सफलता दूसरे प्रयास में मिली है। अच्छी आईआईटी न मिल पाने के कारण उन्होंने पहले साल ड्राॅप आउट किया था। सनी कहते हैं कि पुरानी आईआईटी से इलेक्ट्रिकल में बीटेक करना है। सरस्वती विद्या निकेतन से 12वीं करने वाले सनी को बोर्ड परीक्षा में 83 फीसदी अंक मिले थे। उनके पिता बालक राम मौर्या कांट्रैक्टर और मां विनीता गृहिणी हैं। वह कहते हैं कि अभी लक्ष्य केवल एडवांस पर है आगे और कुछ नहीं सोचा है।
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जीविका
- फोटो : अमर उजाला
बचपन का सपना पूरा करना चाहती हैं जीविका
जेईई मेन में ओंकारेश्वर स्कूल की जीविका को 23 हजार रैंक मिली है। वह अपने बचपन के इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने से मात्र एक परीक्षा दूर है। उनका पूरा फोकस जेईई एडवांस क्वालीफाई करने पर है। वह कहती हैं कि इसके परिणाम के बाद ही भविष्य का फैसला लिया जाएगा। 10वीं व 12वीं में स्कूल टॉपर रहीं जीविका की बड़ी बहन इशिका नीट की तैयारी कर रही हैं। पिता नीरज श्रीवास्तव जलकल विभाग में राजस्व निरीक्षक व मां पूर्णिमा हाउस वाइफ हैं।
आईआईटी कानपुर और दिल्ली अगस्त्य की पहली पसंद
किसी भी परीक्षा की तैयारी अपनी क्षमता का आकलन कर करनी चाहिए दूसरे को देखकर नहीं। यह बात जेईई मेन में 1997 रैंक लाने वाले अगस्त्य गुप्ता ने कही। कांशीराम अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दया प्रसाद गुप्ता और सीएसजेएमयू में प्रोफेसर डॉ. वर्षा गुप्ता के बेटे अगस्त्य को अपने 12वीं के परिणाम का भी इंतजार है। पहले ही प्रयास में जेईई एडवांस के लिए योग्य बने अगस्त्य की पहली पसंद आईआईटी कानपुर और दिल्ली है। वह कहते हैं कि अब जेईई एडवांस की तैयारी में पूरा फोकस है।
जेईई मेन में ओंकारेश्वर स्कूल की जीविका को 23 हजार रैंक मिली है। वह अपने बचपन के इंजीनियर बनने के सपने को पूरा करने से मात्र एक परीक्षा दूर है। उनका पूरा फोकस जेईई एडवांस क्वालीफाई करने पर है। वह कहती हैं कि इसके परिणाम के बाद ही भविष्य का फैसला लिया जाएगा। 10वीं व 12वीं में स्कूल टॉपर रहीं जीविका की बड़ी बहन इशिका नीट की तैयारी कर रही हैं। पिता नीरज श्रीवास्तव जलकल विभाग में राजस्व निरीक्षक व मां पूर्णिमा हाउस वाइफ हैं।
आईआईटी कानपुर और दिल्ली अगस्त्य की पहली पसंद
किसी भी परीक्षा की तैयारी अपनी क्षमता का आकलन कर करनी चाहिए दूसरे को देखकर नहीं। यह बात जेईई मेन में 1997 रैंक लाने वाले अगस्त्य गुप्ता ने कही। कांशीराम अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दया प्रसाद गुप्ता और सीएसजेएमयू में प्रोफेसर डॉ. वर्षा गुप्ता के बेटे अगस्त्य को अपने 12वीं के परिणाम का भी इंतजार है। पहले ही प्रयास में जेईई एडवांस के लिए योग्य बने अगस्त्य की पहली पसंद आईआईटी कानपुर और दिल्ली है। वह कहते हैं कि अब जेईई एडवांस की तैयारी में पूरा फोकस है।