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UP IAS Conflict: क्या फिर जालौन लौटेंगे रिंकू सिंह राही? जनता ने छेड़ा वापसी का अभियान, राज्यपाल को लिखा पत्र

Sat, 04 Jul 2026 12:56 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 04 Jul 2026 12:56 PM IST
सार

Jalaun SDM And Administrative Conflict: जालौन तहसील के स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने राज्यपाल को प्रार्थना पत्र भेजकर पूर्व एसडीएम रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग की है। निवासियों का कहना है कि उनके कार्यकाल में समस्याओं का पारदर्शी समाधान होता था।

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Jalaun Will Rinku Singh Rahi return Public launches campaign for his return letter written to the Governor
पूर्व एसडीएम रिंकू सिंह राही की वापसी की उठी मांग - फोटो : amar ujala

विस्तार

जालौन तहसील में पूर्व एसडीएम रिंकू सिंह राही की कार्यशैली और जनता के प्रति उनके समर्पित व्यवहार की चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके स्थानांतरण से निराश स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने लामबंद होकर राज्यपाल को संबोधित एक प्रार्थना पत्र भेजा है, जिसमें उनकी जालौन में पुनः तैनाती की पुरजोर मांग की गई है।

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प्रार्थना पत्र में स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि रिंकू सिंह राही के कार्यकाल के दौरान तहसील में आम जनता की समस्याओं का निपटारा समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाता था। लोगों का मानना है कि उनके रहने से प्रशासन के प्रति आम आदमी का विश्वास बढ़ा था और सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय हुई थी।

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युवाओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई
पत्र में उल्लेख किया गया है कि उनके स्थानांतरण के बाद क्षेत्र की जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है और क्षेत्र के लोग निराश हैं। स्थानीय जनता प्रशासन से उनकी वापसी की अपेक्षा कर रही है। इस मांग को लेकर न केवल प्रबुद्ध वर्ग बल्कि युवाओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

ऐसे अधिकारियों की सख्त जरूरत
नागरिकों का कहना है कि जालौन जैसे क्षेत्र में ऐसे अधिकारियों की सख्त जरूरत है, जो बिना किसी भेदभाव के जनता की सुनवाई करें। फिलहाल, इस मांग पत्र के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन इस पर क्या निर्णय लेता है।

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अधिकारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई होना आवश्यक
बता दें कि मंगलवार को प्रशासन ने रिंकू सिंह राही को जालौन एसडीएम पद से हटाकर उरई में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात कर दिया है। तबादले की कार्रवाई के बाद रामराजा निरंजन ने कहा कि यह कदम पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि यदि किसी जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विधिक कार्रवाई होना आवश्यक है।

शासन स्तर पर भी अपनी बात रखेंगे
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि वह मामले को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों तथा शासन स्तर पर भी अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और कानून के समान अनुपालन को सुनिश्चित करना है।

व्यापारियों से भी हो गया था पंगा
कुछ दिन पूर्व लौना रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक व्यापारी के पत्थर तोड़े जाने के आरोप भी सामने आए। वहीं 30 मई को स्थानांतरित किए गए पांच लेखपालों को उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद कार्यमुक्त न किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा। 27 जून को आयोजित थाना दिवस में लेखपाल शिवम द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी देने का आरोप भी लगा।

जिलाधिकारी को सौंपा था ज्ञापन
तहसील में शासन के निर्देशों के विपरीत निजी ऑपरेटरों से जनसुनवाई संबंधी कार्य कराए जाने की शिकायतें भी उठीं। आरोप यह भी रहे कि एसडीएम की कार्यशैली से नाराज होकर प्रभारी तहसीलदार समेत पांच लेखपाल चिकित्सा अवकाश पर चले गए। लेखपालों ने सामूहिक अवकाश पर जाने संबंधी ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा था।

ब्लॉक प्रमुख प्रकरण बना निर्णायक मोड़
हाल ही में जालौन ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के कोल्ड स्टोर पर हुई जांच के दौरान विवाद और बढ़ गया। ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धक्का दिया और थप्पड़ मारने की कोशिश की। इस संबंध में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक की थी।

पद से हटाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट बनाया
मामला तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज को जांच सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद प्रशासनिक आदेश जारी हुआ, जिसमें रिंकू सिंह राही को जालौन एसडीएम पद से हटाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट उरई बनाया गया।

कई पहल भी रहीं चर्चा में
विवादों के बीच रिंकू सिंह राही की कुछ पहल चर्चा में रहीं। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में निरक्षर बुजुर्गों को शिक्षित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू किया था। इसके अलावा गांवों और मोहल्लों के लिए अलग-अलग व्हाट्सएप समूह बनवाए गए थे, जिनमें ग्रामीण सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते थे।

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